महाराष्ट्र के पिंपरी चिंचवड़ नगर निगम (PCMC) ने चिखली के कुदलवाड़ी इलाके में बिना इजाजत बने 11 ढांचों पर बुलडोजर एक्शन लिया. इन इमारतों में पांच मस्जिदें, पांच मंदिर और एक मंदिर से जुड़ा अखाड़ा शामिल था. हिंसा की आशंका को देखते हुए यहां बुलडोजर कार्रवाई के दौरान भारी पुलिसबल तैनात किया गया था. कुछ उपद्रवियों ने पुलिसकर्मियों पर पत्थरबाजी की, जिसमें 18 पुलिसवालों समेत कम से कम 19 लोग घायल हो गए.
सोमवार और मंगलवार (8 और 9 जून) की दरमियानी रात को भारी पुलिस सुरक्षा में चलाए गए ध्वस्तीकरण अभियान के बीच स्थानीय लोगों की एक भारी भीड़ हिंसक हो गई. भीड़ के एक बड़े हिस्से ने बुलडोजर एक्शन का कड़ा विरोध किया. हालात पत्थरबाजी तक बढ़ गए, जिसके बाद पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने और शांति बहाल करने के लिए हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा.
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500 लोगों पर FIR दर्ज
इस मामले में पुलिस ने मौके से दो लोगों को पकड़ा और हिंसा में कथित तौर पर शामिल करीब 500 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है. यह केस भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अलग-अलग नियमों के तहत दर्ज किया गया है, जो सरकारी कर्मचारियों पर हमला करने और गैर-कानूनी तरीके से इकट्ठा होने और शरारत करने से जुड़े हैं. साथ ही, प्रॉपर्टी डिफेसमेंट प्रिवेंशन एक्ट और महाराष्ट्र पुलिस एक्ट की धाराओं के तहत भी केस दर्ज किया गया है.
बताया जा रहा है कि इस इलाके में कुल 21 धार्मिक ढांचे हैं जो बिना इजाजत के बने हैं. परसों रात (8 जून), 5 मस्जिदें गिरा दी गईं और 5 मंदिर भी. इसी के विरोध में, तैनात पुलिसवालों पर पत्थरबाजी हुई. 500 लोगों के खिलाफ FIR हुई है और दो आरोपियों को अरेस्ट किया गया है.
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