महाराष्ट्र में ''ऑपरेशन टाइगर'' ट्रेंड कर रहा है. खबर है कि 'ऑपरेशन टाइगर' के तहत उद्धव ठाकरे शिवसेना के सांसद टूटकर पाला बदल सकते है. ठीक वैसे ही जैसे ममता बनर्जी के 20 सांसदों ने किया. उद्धव के पास अभी 9 लोकसभा सांसद हैं. इन 9 लोकसभा सांसदों में से कई सांसद, एकनाथ शिंदे के संपर्क में बताए जा रहे हैं.
4 सांसद उद्धव की मीटिंग से रहे गायब
'ऑपरेशन टाइगर' और सांसदों की टूट की खबर के आने के बाद ही उद्धव ठाकरे ने 14 जून को मातोश्री में अपने सांसदों की बैठक बुलाई थी. इसमें 9 में से सिर्फ 4 सांसद ही मीटिंग के लिए पहुंचे, 5 गायब रहे. इससे पार्टी में टूट की खबरों को और बल मिला. अब उद्धव ठाकरे ने भी कहा है कि अगर जाना है तो खुशी-खुशी जाएं.
16 विधायक शिंदे गुट के संपर्क में- तुमाने
आज उद्धव ठाकरे की शिवसेना के सांसदों पर शिंदे गुट के नेता कृपाल तुमाने ने बड़ा दावा किया. कृपाल तुमाने ने कहा कि 7 सांसदों के साथ पाला बदलने की अंतिम बातचीत पूरी हो चुकी है. बस शामिल होने की तारीख तय होना बाकी है. उद्धव ठाकरे के 16 विधायक भी शिंदे गुट के संपर्क में है.
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मानसून सत्र से पहले पाला बदलेंगे सांसद- तुमाने
तुमाने ने दावा किया है कि उद्धव ठाकरे गुट के 7 सांसद जल्द ही मानसून सत्र से पहले शिवसेना (शिंदे) में शामिल होंगे. उन्होंने कहा कि 'ऑपरेशन टाइगर' की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और इसके 'मुख्य डॉक्टर' उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे हैं. शिंदे गुट के नेता कृपाल तुमाने के इस दावे ने महाराष्ट्र की सियासत में खलबली मचा दी
हालांकि शिवसेना यूबीटी के नेता संजय राउत कह रहे हैं कि सारे सांसद पार्टी के साथ हैं. पार्टी में कोई टूट नहीं होगी. उनके ''ऑपरेशन टाइगर'' के बदले हम भी 'ऑपरेशन वूल्फ' करेंगे. लेकिन आशंकाओं और दावों के बीच शायद उद्धव ठाकरे को भी हिंट मिल गया है कि कुछ ना कुछ 'खेल' तो होगा. तभी उद्धव ठाकरे ने अपने सांसदों के बाद विधायकों की बैठक बुलाई है.
उद्धव की बैठक में कौन-कौन सांसद नहीं शामिल हुए?
उद्धव ठाकरे ने जब सांसदों की बैठक बुलाई थी उसमें अरविंद सावंत, अनिल देसाई, राजाभाऊ वाजे और संजय दिना पाटिल शामिल हुए. संजय देशमुख और नागेश पाटिल आष्टीकर ऑनलाइन मीटिंग में शामिल हुए जबकि ओमराजे निंबालकर, संजय जाधव और भाऊसाहेब वाकचौरे मीटिंग में नहीं आए. इनमें से ओमराजे निंबालकर ने पहले ही उद्धव को सूचित कर दिया था कि उनका पुत्र अस्पताल में है. इसलिए वो मीटिंग में शामिल नहीं हो पाएंगे.
'ऑपरेशन टाइगर' की खबरों के बीच संजय राउत कैमरों के सामने आए और खुद को टाइगर बताया. टूट की खबरों को अफवाह बताया और कहा कि 9 सांसद आए थे, सबकुछ ऑल इन वेल है.
लेकिन राजनीति में बदलाव बहुत तेज़ी से होता है. 4 सांसदों के ही उपस्थित होने और टूट की खबरों के बीच उद्धव ने भी चुप्पी तोड़ी. उद्धव ने अपने सांसदों को मैसेज देते हुए कहा, "आज का दिन शायद मेरा न हो, लेकिन कल निश्चित रूप से मेरा होगा. तब तक हमें धैर्य रखना होगा और ये सब सहना होगा. अगर जाना है तो खुशी-खुशी जाए."
उद्धव की भाषा से नाराज हैं सांसद- सूत्र
जिस वक्त उद्धव के विधायक टूटकर शिंदे के साथ गए थे, उस वक्त भी उद्धव ने इसी तरह की भाषा का इस्तेमाल किया था. सूत्र कह रहे हैं कि अब सांसद भी उद्धव की भाषा से नाराज हैं. इसलिए सांसदों को शिंदे गुट में शामिल होने में ही फायदा नजर आ रहा है. हालांकि जब 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर एकनाथ शिंदे से सवाल पूछा गया तो उन्होंने चुप्पी साध दी.
लोकसभा में शिवसेना UBT के 9 सांसद हैं, दलबदल के नियमों के मुताबिक, अयोग्यता से बचने के लिए दो तिहाई सदस्य यानी कम से कम 6 सांसदों को एकसाथ उद्धव गुट से अलग होना होगा.
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