Mumbai News: गोरेगांव ड्रग्स पार्टी मामले में MNS आक्रामक, आयोजक और मालिक की गिरफ्तारी की मांग
Mumbai News In Hindi: मुंबई के नेस्को सेंटर में ड्रग्स ओवरडोज से दो छात्रों की मौत पर सियासी भूचाल आ गया है. महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने घटना के बाद उग्र प्रदर्शन किया.

गोरेगांव स्थित नेस्को (NESCO) सेंटर में एक लाइव म्यूजिक कॉन्सर्ट के दौरान ड्रग्स ओवरडोज से दो कॉलेज छात्रों की दर्दनाक मौत के बाद मायानगरी मुंबई में सियासी भूचाल आ गया है. इस दुर्भाग्यपूर्ण और गंभीर घटना को लेकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) पूरी तरह से आक्रामक मुद्रा में आ गई है.
मनसे के गोरेगांव विधानसभा विभाग अध्यक्ष वीरेंद्र जाधव के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने नेस्को सेंटर के गेट के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. उग्र प्रदर्शनकारियों ने नेस्को सेंटर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पूरे परिसर के बाहर विरोध दर्शाने वाले बड़े-बड़े बैनर और पोस्टर लगा दिए हैं.
आयोजक कृष्णा पटेल और मालिक की गिरफ्तारी की मांग
विरोध प्रदर्शन के दौरान मनसे ने स्पष्ट मांग की है कि इस पूरी घटना के लिए सीधे तौर पर नेस्को सेंटर का प्रबंधन और लाइव म्यूजिक कॉन्सर्ट के आयोजक कृष्णा पटेल जिम्मेदार हैं. मनसे नेताओं का कहना है कि महज दिखावे के लिए छोटी-मोटी गिरफ्तारियां काफी नहीं हैं, बल्कि आयोजक कृष्णा पटेल और नेस्को सेंटर के मालिक के खिलाफ तत्काल आपराधिक मामला दर्ज कर उन्हें जेल के सलाखों के पीछे भेजा जाना चाहिए.
पार्टी ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि नेस्को सेंटर में लाइव म्यूजिक और कॉन्सर्ट के नाम पर रातभर हंगामा और नशे का खुला खेल चलता है. यदि भविष्य में यहां ऐसी कोई और रेव पार्टी हुई, तो मनसे अपने स्टाइल में इस सेंटर को हमेशा के लिए बंद करवा देगी.
'7 दिन पहले दी थी शिकायत, सोती रही पुलिस'
इस पूरे मामले में मनसे ने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली और खुफिया तंत्र पर सबसे बड़ा सवाल खड़ा किया है. मनसे नेता वीरेंद्र जाधव ने स्थानीय पुलिस पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा, "नेस्को सेंटर पुलिस स्टेशन के बिल्कुल सामने स्थित है, फिर भी वहां लाइव म्यूजिक के नाम पर खुलेआम मौत बांटी जा रही थी. सबसे बड़ी हैरानी की बात यह है कि हमारे मनसे के स्थानीय शाखा अध्यक्ष ने 7 दिन पहले ही पुलिस को आगाह करते हुए शिकायत दी थी कि यहां ड्रग्स पार्टी होती है. लेकिन पुलिस ने उस शिकायत को पूरी तरह दरकिनार कर दिया और कोई एक्शन नहीं लिया."
नेस्को सेंटर छावनी में तब्दील
जाधव ने आरोप लगाया कि पुलिस के इसी 'फेलियर' और अनदेखी की कीमत दो मासूम बच्चों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी है. मनसे ने मांग की है कि इस मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. वहीं, मनसे के इस उग्र आंदोलन और सीधी चेतावनी को देखते हुए प्रशासन अलर्ट हो गया है. कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका के मद्देनजर नेस्को सेंटर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है.
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Source: IOCL


























