जैसे जैसे बीएमसी चुनाव के मतदान के दिन सामने आ रहे हैं, एनसीपी अध्यक्ष अजित पवार के तेवर बदलते जा रहे हैं. हाल ही में उनके द्वारा दिए गए कुछ बयानों ने राजनीतिक हलचल पैदा कर दी थी, वहीं एक बार फिर उन्होंने कुछ ऐसा कह दिया है जिससे उनके और महायुति के बीच दरार साफ नजर आने लगी है. 

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'पुणे और पिंपरी-चिंचवड में नगर निकायों पर पहले सत्ता में रहने के बावजूद कभी अहंकार नहीं आया.' यह बात महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने 8 जनवरी को पिंपरी-चिंचवड़ में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए कही. बता दें कि यह सभा 15 जनवरी को होने वाले नगर निकाय चुनावों के प्रचार के तहत आयोजित की गई थी.

सत्ता का उपयोग जिम्मेदारी के साथ होना चाहिए- अजित पवार

जनसभा को संबोधित करते हुए अजित पवार ने कहा कि सत्ता का उपयोग हमेशा संयम और जिम्मेदारी के साथ होना चाहिए. उन्होंने कहा कि उन्हें हमेशा यह विश्वास रहा है कि जनता की सेवा ही राजनीति का मूल उद्देश्य है. इसी सोच के कारण उन्होंने कभी भी सत्ता को घमंड का कारण नहीं बनने दिया और जनहित को प्राथमिकता दी.

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इस चुनावी सभा में उनके भतीजे और एनसीपी एसपी नेता रोहित पवार भी मौजूद थे. पीटीआई के अनुसार, पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ नगर निकाय चुनाव में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी गठबंधन में चुनाव लड़ रही है. दोनों दल स्थानीय स्तर पर मजबूत समन्वय के साथ मतदाताओं तक पहुंचने की रणनीति पर काम कर रहे हैं.

बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा है पिंपरी-चिंचवड- अजित पवार

अजित पवार ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि एशिया के सबसे समृद्ध नगर निकायों में गिने जाने वाले पिंपरी-चिंचवड नगर निगम क्षेत्र में आज नागरिकों को बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है. उन्होंने चिंता जताई कि नाबालिग अपराध की ओर धकेले जा रहे हैं और यदि इसे रोकना है तो बदलाव जरूरी है. 

उन्होंने जनता से नगर निगम की जिम्मेदारी एनसीपी को सौंपने की अपील की और समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया. साथ ही उन्होंने कहा कि पार्टी ने इस चुनाव में ऐसे उम्मीदवार उतारे हैं जो स्थानीय मुद्दों को समझते हैं और उन्हें अवसर मिलने पर वह उसे सोने में बदलने का काम करेंगे.