महाराष्ट्र में एनसीपी के विलय के मुद्दे पर सियासत गरम है. शरद पवार गुट का दावा है कि दोनों एनसीपी साथ आने वाले थे और अजित पवार भी यही चाहते थे. वहीं, एनसीपी के नेता सुनील तटकरे ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है. इस बीच एनसीपी के नेता और महाराष्ट्र के मंत्री छगन भुजबल ने बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि दोनों एनसीपी को लेकर ऐसे किसी भी तरह के फैसले के लिए बीजेपी के समर्थन की जरूरत होगी. उन्होंने कहा कि बीजेपी से पूछकर ही कोई फैसला लेना होगा.
सुनेत्रा पवार आगे का फैसला लेंगी- भुजबल
सोमवार (2 फरवरी) को नासिक में मीडिया से बातचीत में भुजबल ने कहा कि अब सुनेत्रा पवार हमारी नेता हैं और वही आगे का फैसला करेंगी. उन्होंने कहा कि हो सकता है दोनों पार्टियों के विलय को लेकर कोई बातचीत हुई होगी लेकिन उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है.
सामूहिक रूप से फैसला लेना होगा- भुजबल
छगन भुजबल ने कहा कि विलय का फैसला सामूहिक रूप से लेना होगा और इसमें मुख्यमंत्री के समर्थन की भी जरूरत होगी. बता दें कि इससे पहले सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि अगर अजित पवार ऐसी कोई फैसला लेते तो क्या उन्हें नहीं बताते? सीएम फडणवीस ने कहा कि एनसीपी के विलय से पहले अजित पवार उन्हें इसके बारे में जरूर बताते.
दोनों गुटों के बीच हुई थी बैठक
गौरतलब है कि अजित पवार के निधन के बाद ये जानकारी सामने आई कि दोनों एनसीपी का विलय होने वाला था. इसके लिए बकायदा शरद पवार गुट और अजित पवार के बीच बैठक भी हुई. अपनी पार्टी के तरफ से अजित पवार ही शरद पवार गुट के चर्चा कर रहे थे और 12 फरवरी को विलय की घोषणा भी करने वाले थे.
दरअसल, महाराष्ट्र में हुए महानगरपालिका के चुनाव में पिंपरी-चिंचवड़ में शरद पवार गुट और अजित पवार गुट ने साथ चुनाव लड़ा था. इसके बाद वो 7 फरवरी को होने वाले जिला परिषद के चुनावों में भी साथ लड़ने की तैयारी में थे. इसके बाद से ही इन संभावनाओं को बल मिला कि दोनों एनसीपी फिर से साथ आ सकते हैं. अब अजित पवार के निधन के बाद क्या दोनों दल साथ आते हैं, ये सवाल कायम है.
