महाराष्ट्र के नासिक में TCS कंपनी में कथित यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण मामले के लिए आज काफी अहम दिन है. इस मामले की मामले की मुख्य आरोपी निदा खान को आज नासिक रोड कोर्ट में पेश किया जाएगा, जबकि अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर भी सुनवाई होगी. कोर्ट ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए शुक्रवार (8 मई) को निदा खान को तीन दिनों की पुलिस हिासत में भेज दिया था.   निदा खान की पुलिस हिरासत की अवधि आज समाप्त हो रही है. इसी वजह से उसे कोर्ट में पेश किया जा रहा है. जब कोर्ट में निदा खान को पहली बार पेश किया गया था तब कोर्ट रूम में केवल सरकारी वकील, जांच एजेंसी के अधिकारी, आरोपी और उनके कानूनी प्रतिनिधियों को ही मौजूद रहने की अनुमति दी गई थी. जानकारी के अनुसार, पुलिस हिरासत के दौरान जांच एजेंसियों ने निदा खान से अलग-अलग स्तर पर पूछताछ की, वहीं उसके परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ की गई.
 

कोर्ट को जांच की दी जाएगी पूरी जानकारी

सरकारी पक्ष की ओर से कोर्ट में यह जानकारी दी जाएगी कि जांच के दौरान अब तक क्या निष्कर्ष सामने आए हैं और आरोपी से कौन-कौन सी महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल हुई हैं. अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि कोर्ट निदा खान की पुलिस कस्टडी बढ़ाती है या नहीं. वहीं, मामले में निदा खान को छोड़कर अन्य आरोपियों ने जमानत के लिए आवेदन किया है. TCS कंपनी की ऑपरेशन मैनेजर अश्विनी चेनानी ने भी कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की है.
 
आज जिन आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई होनी है उनमें दानिश शेख, तौसिफ अत्तार, रजा मेमन, शाहरुख कुरैशी, शफी शेख, आसिफ अंसारी और अश्विनी चेनानी शामिल हैं. मामले में आरोपियों पर यौन उत्पीड़न के साथ धार्मिक भावनाएं आहत करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं. अब कोर्ट की सुनवाई और फैसले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं.

क्या है नासिक TCS का मामला?

गौर हो कि नासिक के TCS का यह मामला मार्च और अप्रैल 2026 के मध्य में सामने आया था.  इस मामले पर तब सभी का ध्यान गया जब TCS के बीपीओ में काम करने वाले एक पीड़ित महिला कर्मचारी का बयान सामने आया. इसमें पीड़िता ने दावा किया था कि उसे टीम लीडर्स के ग्रुप ने धर्मांतरण के लिए निशाना बनाया था. पीड़िता ने शिकायत में बताया था कि उसने साल 2022 में कंपनी में काम शुरू किया था. उस समय उसकी टीम में तौसीफ अत्तार, दानिश शेख और अन्य लोग शामिल थे. तौसीफ अत्तार उसके टीम लीडर भी थे, इसलिए उसे उनकी कही हर बात फॉलो करनी पड़ती थी. 

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इस मामले के सामने आने के बाद कई अन्य महिला कर्मचारी सामने आईं और इस तरह कुल 9 FIR दर्ज हुईं, जिसमें यौन उत्पीड़न, मानसिक उत्पीड़न और धर्म परिवर्तन करने के दबाव के आरोप शामिल हैं. अप्रैल में इस मामले की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई गई थी और पुलिस ने अंडरकवर महिला अफसर भी तैनात किए ताकि सबूत जुटाए जा सकें. इसके बाद आरोपियों की गिरफ्तारी की गई. 

निदा खान पर क्या हैं आरोप?

इस मामले में निदा खान पर आरोप है कि वो नासिक के TCS कार्यालय में काम कर रही हिंदू महिलाओं पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाती थी और उन्हें हिजाब पहनने और इस्लामी मान्यताओं का पालन करने के लिए कहती थीं. इसके अलावा वो शिकायतकर्ताओं को पीछे हटने के लिए मानसिक दबाव डाल रही थी. इस मामले की मुख्य आरोपी निदा खान कई दिनों तक फरार थी, जिसे मई 2026 के पहले सप्ताह में छत्रपति संभाजीनगर से गिरफ्तार कर लिया गया. फिलहाल मामला कोर्ट में हैं और मामले की जांच भी पुलिस कर रही है. 

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TCS केस में फरार महिला आरोपी निदा खान गिरफ्तार, संभाजीनगर के एक फ्लैट में छुपकर रह रही थी