नासिक की एक बहुराष्ट्रीय आईटी कंपनी से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न, धार्मिक दबाव और जबरन धर्म परिवर्तन के प्रयासों के चर्चित मामले में पुलिस ने पहली चार्जशीट दाखिल कर दी है. नासिक पुलिस ने करीब 1500 पन्नों की यह चार्जशीट नासिक रोड स्थित अतिरिक्त सत्र और विशेष न्यायालय में पेश की.

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पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पीड़िता की शिकायत के बाद देवलाली कैंप और मुंबई नाका पुलिस थानों में कुल 9 एफआईआर दर्ज की गई थीं. शिकायतों में कार्यस्थल पर छेड़छाड़, यौन शोषण, जबरन धर्म परिवर्तन का दबाव और धार्मिक भावनाएं आहत करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सीनियर अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था.

पहली चार्जशीट 4 आरोपियों के खिलाफ हुई दाखिल

देवलाली कैंप पुलिस स्टेशन में दर्ज CR नंबर 156/26 के तहत पहली चार्जशीट चार आरोपियों दानिश एजाज शेख, तौसीफ बिलाल अत्तर, निदा एजाज खान और मतीन माजिद पटेल के खिलाफ दाखिल की गई है. इन सभी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के साथ एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराएं लगाई गई हैं.

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कई डिजिटल सबूत शामिल

जांच के दौरान SIT को कथित तौर पर यह सबूत मिले हैं कि आरोपी एक सुनियोजित आपराधिक साजिश के तहत काम कर रहे थे. पुलिस सूत्रों के मुताबिक चार्जशीट में मोबाइल फोन डेटा, व्हाट्सएप चैट, स्क्रीनशॉट, ईमेल ट्रेल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड समेत कई डिजिटल और दस्तावेजी सबूत शामिल किए गए हैं.

17 गवाहों के बयान कराए गए दर्ज

जांच एजेंसियों ने ऐसे दस्तावेज भी बरामद करने का दावा किया है जो पीड़िता की पहचान और नाम बदलने के कथित प्रयासों से जुड़े हुए हैं. इसके अलावा BNSS की धारा 183 के तहत 17 गवाहों के बयान न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज कराए गए हैं.

आरोपियों की मेडिकल रिपोर्ट भी शामिल

चार्जशीट में पीड़िता और आरोपियों की मेडिकल जांच रिपोर्ट, पंचनामा रिपोर्ट, बैंक स्टेटमेंट, जाति प्रमाणपत्र, कथित वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े दस्तावेज, पहचान परेड रिकॉर्ड और अपराध में इस्तेमाल की गई गाड़ियों की डिटेल्स को भी शामिल किया गया है.

कब दाखिल होगी पूरक चार्जशीट?

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल उपलब्ध सबूतों के आधार पर प्राथमिक चार्जशीट दाखिल की गई है, लेकिन जांच अभी जारी है. आगे और सबूत मिलने पर BNSS की धारा 193(9) के तहत पूरक चार्जशीट भी दाखिल की जा सकती है.

वहीं मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में दर्ज बाकी 8 एफआईआर की जांच भी जारी है और निर्धारित समय सीमा के भीतर उन मामलों में भी चार्जशीट दाखिल किए जाने की संभावना है. सूत्रों के मुताबिक संबंधित मामलों में आरोपियों द्वारा दाखिल सभी जमानत याचिकाएं अब तक अदालत ने खारिज कर दी हैं.

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