Mumbai News: मुंबई बारिश हादसों में जान गंवाने वालों के परिजनों को 4-4 लाख की मदद, MLA ने सौंपे चेक
Mumbi Rains News Update मुंबई बारिश के दौरान मैनहोल और पेड़ गिरने से जान गंवाने वाले दो लोगों के परिजनों को महाराष्ट्र सरकार ने 4-4 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी है.

मुंबई में हाल ही में हुई भारी बारिश के दौरान हुए दो दर्दनाक हादसों में जान गंवाने वाले परिवारों को महाराष्ट्र सरकार की ओर से चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है. चांदीवली विधानसभा क्षेत्र के साकीनाका इलाके में रहने वाले दोनों मृतकों के परिजनों को शुक्रवार (10 जुलाई) को विधायक दिलीप लांडे ने उनके घर जाकर सहायता राशि का चेक सौंपा और सरकार की ओर से शोक संवेदना व्यक्त की.
बारिश के दौरान पहला हादसा साकीनाका के खैरानी रोड पर हुआ था, जहां 55 वर्षीय असलम इसाक शेख खुले मैनहोल में गिर गए थे. उस समय बीएमसी (BMC) के मल-निस्सारण विभाग की ओर से मैनहोल पर सुरक्षा जाली लगाने का काम चल रहा था. प्रारंभिक जांच में सुरक्षा मानकों में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिडे ने ‘एल’ वार्ड के सहायक आयुक्त धनाजी हेरलेकर समेत चार इंजीनियरों को जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया था. इसके अलावा संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने के आदेश भी दिए गए थे.
शरद पवार के NDA में जाने की अटकलों के बीच रोहित पवार बोले, 'हमारे सांसद-विधायक...'
ठेकेदार पर लापरवाही का केस दर्ज, जांच समिति गठित
बाद में इस मामले में ठेकेदार समेत चार आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) (लापरवाही से मौत) और धारा 3(5) (सामूहिक मंशा) के तहत मामला दर्ज किया गया था. मामले की विस्तृत जांच के लिए बीएमसी ने उच्चस्तरीय जांच समिति भी गठित की थी.
आरे कॉलोनी में पेड़ गिरने से गई थी हसन रज़ा की जान
दूसरा हादसा गोरेगांव की आरे कॉलोनी में हुआ था, जहां पेड़ गिरने से हसन रज़ा जहांगीर सैयद की मौत हो गई थी. इस घटना के बाद भी शहर में पेड़ों की सुरक्षा और मानसून से पहले उनकी समय पर छंटाई को लेकर प्रशासन पर गंभीर सवाल उठे थे.
विधायक ने सौंपे चेक, पीड़ित परिवार के सदस्य को नौकरी की मांग
दोनों मृतकों के परिवार चांदीवली विधानसभा क्षेत्र के साकीनाका इलाके में रहते हैं. विधायक दिलीप लांडे ने दोनों परिवारों से मुलाकात कर आर्थिक सहायता का चेक सौंपा. लांडे ने कहा कि आर्थिक मदद से परिवारों का नुकसान पूरा नहीं हो सकता, लेकिन सरकार ने मानवीय आधार पर यह मदद दी है. उन्होंने मांग की कि दोनों परिवारों के एक-एक सदस्य को सरकारी या बीएमसी में नौकरी दी जाए.
हादसों को रोकने के लिए सर्वदलीय सतर्कता समिति की उठाई मांग
इसके साथ ही उन्होंने मुंबई में मानसून के दौरान होने वाली ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए बीएमसी में सर्वदलीय सतर्कता समिति गठित करने की भी मांग की. उन्होंने कहा कि समय रहते प्रभावी निगरानी और जवाबदेही तय होने से मैनहोल, पेड़ों की छंटाई और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी हो सकेगी और भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सकेगा.
कांग्रेस में होगा शरद पवार की पार्टी का विलय? सुप्रिया सुले का बड़ा बयान, 'पहले भी साथ...'























