मुंबई की बच्ची की तलाश में मथुरा पहुंची पुलिस, मंदिर में प्रार्थना के बाद मिली लापता
मुंबई के बोरीवली से लापता हुई 13 साल की एक बच्ची को पुलिस को पुलिस ने तीन दिन के बाद उत्तर प्रदेश के मथुरा से सुरक्षित बरामद किया. बच्ची 22 अगस्त को अपने घर से बिना किसी को बताए निकल गई थी.

मुंबई के बोरीवली से लापता हुई 13 साल की एक बच्ची को पुलिस ने तीन दिन की कड़ी तलाश के बाद उत्तर प्रदेश के मथुरा से सुरक्षित बरामद कर लिया. इस मामले का सबसे भावुक पहलू यह रहा कि बच्ची की तलाश कर रहे मुंबई पुलिस अधिकारी PSI सुरेंद्र लोखंडे ने एक मंदिर में भगवान कृष्ण के सामने मदद की प्रार्थना की और कुछ ही क्षण बाद बच्ची उन्हें अपने पास खड़ी दिखाई दी.
बोरीवली पुलिस की सीनियर PI पुष्पलता मंडले ने बताया कि बच्ची 22 अगस्त को गोरेगांव स्थित अपने घर से बिना किसी को बताए निकल गई थी. परिवार की शिकायत के बाद बोरीवली पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की. जांच के दौरान पुलिस ने बच्ची और उसकी मां के मोबाइल फोन से जुड़े सुरागों के साथ-साथ CCTV फुटेज की भी जांच की.
बच्ची गोल्डन टेंपल मेल ट्रेन में सवार होक चली गई थी मथुरा
जांच में सामने आया कि बच्ची ऑटो से बोरीवली रेलवे स्टेशन पहुंची और वहां से गोल्डन टेंपल मेल ट्रेन में सवार होकर मथुरा चली गई. मथुरा पहुंचने के बाद उसने भगवान कृष्ण और राधा से जुड़े धार्मिक स्थलों का रुख किया.
पुलिस टीम ने मथुरा और आसपास के इलाकों में बड़े पैमाने पर तलाश अभियान चलाया. टीम ने वृंदावन, निधिवन, घाटों, बरसाना और अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर बच्ची को खोजा. तीन दिन तक लगातार तलाश के बाद पुलिस अधिकारी काफी थक चुके थे.
इसी दौरान अधिकारी ने एक मंदिर में रुककर भगवान कृष्ण से बच्ची को खोजने में मदद की प्रार्थना की. प्रार्थना के बाद जब उन्होंने आंखें खोलीं तो उनके सामने वही 13 वर्षीय बच्ची खड़ी थी, जिसकी पुलिस पिछले तीन दिनों से तलाश कर रही थी. पुलिस ने बच्ची को सुरक्षित अपने कब्जे में लिया और बाद में ट्रेन के जरिए उसे मुंबई वापस लाया गया. बच्ची के सकुशल मिलने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली.
मालवणी: मातम में बदला दही हांडी का जश्न, खंभा गिरने से 7 साल के रुद्र की मौत
पहले पुलिस ने मथुरा और आसपास के इलाकों की तलाश
मुंबई पुलिस की टीम ने मथुरा के साथ-साथ वृंदावन, निधिवन, बरसाना और अन्य धार्मिक स्थलों पर बच्ची को तलाशा. मंदिरों, आश्रमों, धर्मशालाओं, घाटों और रेलवे मार्गों के अलावा CCTV फुटेज की भी जांच की गई. पुलिस ने श्रद्धालुओं, स्वयंसेवकों और स्थानीय लोगों से भी जानकारी जुटाई.
PSI सुरेंद्र लोखंडे के मुताबिक, तीन दिन की लगातार तलाश के बावजूद बच्ची का कोई पुख्ता सुराग नहीं मिल रहा था. बड़ीl संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी के कारण तलाशी अभियान और चुनौतीपूर्ण हो गया था. पुलिस के अनुसार, 1 सितंबर को तलाश के दौरान PSI लोखंडे बरसाना के राधा रानी मंदिर पहुंचे. उन्होंने बताया कि उन्होंने वहां भगवान कृष्ण की मूर्ति के सामने हाथ जोड़कर बच्ची को खोजने में मदद की प्रार्थना की.
लोखंडे के मुताबिक, कुछ देर बाद जब उन्होंने आंखें खोलीं और आसपास देखा, तो बच्ची उनके पास ही खड़ी थी. शुरुआत में उन्हें अपनी आंखों पर विश्वास नहीं हुआ. उन्होंने मोबाइल फोन में मौजूद बच्ची की तस्वीर से उसका मिलान किया और फिर उसका नाम पुकारकर पहचान की पुष्टि की. पुलिस अधिकारी के अनुसार, बच्ची ने उनसे पूछा कि वह उसे कैसे जानते हैं. इसके बाद टीम ने उसे भरोसे में लिया और बताया कि वे बोरीवली पुलिस स्टेशन से उसे घर ले जाने के लिए आए हैं.
पुणे: केतन हत्याकांड में नया मोड़, सिया-चेतन का तीसरा साथी गिरफ्तार





















