मुंबई में संगठित अपराध के खिलाफ पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. माता रमाबाई आंबेडकर मार्ग पुलिस ने मोक्का (महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम) के तहत दर्ज एक गंभीर मामले में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी कैलाश उर्फ के.पी. को गिरफ्तार कर लिया है.
54 वर्षीय कैलाश पर पिछले साल करीब 47 लाख रुपये के सोने के आभूषण लूटने और गोलीबारी कर एक युवक को घायल करने का आरोप है. पुलिस के मुताबिक, कैलाश इस वारदात का मास्टरमाइंड था और अलग-अलग गैंग बनाकर गंभीर अपराधों को अंजाम देता रहा है.
मुंबई पुलिस के जोन-1 के डीसीपी प्रवीण मुंढे ने बताया कि यह घटना 6 जनवरी 2025 की रात करीब 10:30 बजे हुई थी. माता रमाबाई आंबेडकर मार्ग पुलिस थाना क्षेत्र में पी.डी. मेलो रोड के ब्लू गेट के पास शिकायतकर्ता अपनी स्कूटी से जा रहे थे. तभी 3 से 4 अज्ञात बदमाशों ने रास्ता रोक लिया.
आरोपियों ने शिकायतकर्ता के साथ मारपीट की और उनके भतीजे पर जान से मारने की नीयत से दो गोलियां चला दीं. इसके बाद बदमाश लगभग 47,27,000 रुपये के सोने के आभूषण लूटकर मौके से फरार हो गए.
मोक्का समेत कई धाराओं में केस दर्ज
घटना के बाद माता रमाबाई आंबेडकर मार्ग पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता, महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम और मोक्का की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया. वारदात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत तकनीकी जांच शुरू की और सीसीटीवी फुटेज व अन्य इनपुट के आधार पर आरोपियों की तलाश तेज कर दी.
4 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पकड़ाया मास्टरमाइंड
जांच के दौरान पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर इस मामले में पहले ही चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था. पूछताछ में यह साफ हुआ कि इस पूरी साजिश के पीछे कैलाश उर्फ के.पी. ही मुख्य सूत्रधार है.
पुलिस जांच में सामने आया कि कैलाश आदतन अपराधी है और हर बार नया गिरोह बनाकर लूट, फायरिंग और गंभीर वारदातों को अंजाम देता है. उसके खिलाफ मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई, पुणे और धुले समेत कई शहरों में करीब 35 गंभीर मामले दर्ज हैं. वह नागपाड़ा पुलिस थाने में दर्ज एक अन्य मोक्का केस में भी वांछित था.
कई राज्यों में बदला ठिकाना
घटना के बाद से ही कैलाश लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था. वह दिल्ली, पंजाब, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और हिमाचल प्रदेश जैसे कई राज्यों में छिपता फिर रहा था. उसे पकड़ने के लिए पुलिस ने एक विशेष टीम बनाई, जो लगातार उसकी लोकेशन ट्रैक करती रही.
करीब एक साल की मेहनत के बाद पुलिस को पुख्ता जानकारी मिली कि कैलाश ठाणे उपनगर में सक्रिय है और रायगढ़ जिले के नेरल बाजारपेठ इलाके में आने वाला है.
वेश बदलकर बिछाया जाल, हथियारों के साथ गिरफ्तारी
कैलाश के हमेशा हथियार रखने और खतरनाक होने की जानकारी के चलते अपराध प्रकटीकरण टीम ने नेरल बाजारपेठ में वेश बदलकर जाल बिछाया. कई घंटे इंतजार के बाद जैसे ही संदिग्ध वहां पहुंचा, टीम ने उसकी पहचान कैलाश के रूप में कर ली और चारों ओर से घेरकर उसे दबोच लिया. गिरफ्तारी के बाद उसके पास से एक पिस्तौल, पांच जिंदा कारतूस और लूटे गए सामान में से 12,91,100 रुपये का माल बरामद किया गया.
फिलहाल कैलाश उर्फ के.पी. पुलिस हिरासत में है और उससे पूछताछ जारी है. पुलिस को उम्मीद है कि उससे पूछताछ में उसके नेटवर्क और अन्य लंबित मामलों को लेकर और अहम खुलासे हो सकते हैं. मुंबई पुलिस का कहना है कि संगठित अपराध के खिलाफ ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी.
