महाराष्ट्र में मराठी भाषा को लेकर चल रहे विवाद के बीच एक अहम कानूनी घटनाक्रम सामने आया है. इस मामले में मुंबई पुलिस ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के 11 नेताओं को गिरफ्तार किया है. जिन्हें अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. गिरफ्तारी के बाद अब इस पूरे मामले पर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है.
इस बीच, आरोपियों की ओर से पैरवी कर रहीं अधिवक्ता मंजुला बिस्वास ने आईएएएनएस से बातचीत में कहा कि अभी तक अदालत में कोई औपचारिक टिप्पणी नहीं की गई है. उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले की सुनवाई दोपहर के बाद निर्धारित है और उसी दौरान जमानत याचिका पर विस्तार से पक्ष रखा जाएगा.
कोर्ट में अपनी दलीलें पेश करेगा बचाव पक्ष
जानकारी के अनुसार, फिलहाल वे सिर्फ प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल हुई हैं और अदालत में अपनी बात सुनवाई के समय ही रखेंगी. अधिवक्ता ने यह भी बताया कि चूंकि अदालत ने आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, इसलिए अब आगे की चर्चा और बहस जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान ही होगी. इस दौरान बचाव पक्ष अपनी दलीलें पेश करेगा और अदालत से राहत की मांग करेगा.
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कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई जारी
गौरतलब है कि मराठी भाषा से जुड़े इस विवाद ने मुंबई में राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है. पुलिस की कार्रवाई और नेताओं की गिरफ्तारी के बाद इस मुद्दे पर बहस तेज हो गई है. अब सभी की नजरें अदालत की सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि आरोपियों को जमानत मिलती है या नहीं. फिलहाल पुलिस और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, जबकि कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई जारी है.
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