महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार (7 अप्रैल) को दो नई मेट्रो लाइनों (9 और 2B) की शुरूआत थी. आज से इनका परिचालन शुरू हो गया है. मुंबई मेट्रो के कॉरिडोर 9 और 2B के पहले चरण में बुधवार सुबह वाणिज्यिक परिचालन शुरू किया गया.. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. मेट्रो-9 मुंबई से ठाणे क्षेत्र तक पहली सीधी मेट्रो कनेक्टिविटी वाला मार्ग है. वहीं, लाइन 2B मुंबई में हार्बर लाइन पर पहली मेट्रो कनेक्टिविटी प्रदान करेगी.
मेट्रो लाइन 9 के पहले चरण में 5.6 किलोमीटर का ऊंचा ट्रैक है, जिसमें 4 स्टेशन हैं, जिनके नाम दहिसर ईस्ट, पांडुरंगवाड़ी, मीरागांव और काशीगांव हैं. वहीं, मेट्रो लाइन 2B के पहले चरण की लंबाई 5.53 किलोमीटर है और इसमें 5 स्टेशन हैं. इनके नाम देशभक्त एनजी आचार्य उद्यान (डायमंड गार्डन), छत्रपति शिवाजी महाराज चौक, देवनार, मानखुर्द और महाराष्ट्र नगर-मंडले हैं.
अंधेरी ईस्ट से मीरा-भायंदर तक अब सीधा सफर संभव
मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) के अनुसार, लाइन-9 से ठाणे जिले के मीरा-भायंदर और मुंबई के बीच यात्रा का समय वर्तमान में एक से दो घंटे से घटकर लगभग 30 मिनट हो जाएगा. यह 6,607 करोड़ रुपये की लागत से बनी है और यह लाइन दूसरी मेट्रों लाईनों जुड़कर दक्षिण मुंबई तक आसान और सीधा कनेक्शन प्रदान करेगी. उदाहरण के लिए मेट्रो लाइन 7 और लाइन 9 जुड़ने से अंधेरी ईस्ट से मीरा-भायंदर तक अब सीधा सफर संभव हो गया है. इन दो नई लाइनों के जुड़ने से मुंबई का परिचालन मेट्रो नेटवर्क छह कॉरिडोर तक विस्तारित हो गया है. इसमें लाइन 1 (घाटकोपर–अंधेरी–वर्सोवा), लाइन 2A (अंधेरी वेस्ट–दहिसर ईस्ट), लाइन 7 (दहिसर ईस्ट–अंधेरी ईस्ट) और अंडरग्राउंड लाइन 3 (कोलाबा–बीकेसी–सीप्ज) भी शामिल हैं.
पीक टाइम में हर 6 मिनट में आएगी मेट्रो
MMRDA के अनुसार, लाइन 2A और लाइन 7 का नया टाइम टेबल बुधवार से प्रभावी हो गया है. इसका उद्देश्य आवृत्ति, पूर्वानुमान और समग्र यात्री अनुभव में सुधार करना है. इसमें कहा गया है कि लाइन 9 के शुरू होने के बाद, मेट्रो लाइन 2A अब अंधेरी वेस्ट और दहिसर ईस्टके बीच एक स्वतंत्र कॉरिडोर के रूप में संचालित होगी. इसमें सुबह 5.50 बजे से रात लगभग 11 बजे तक मेट्रो सेवाएं उपलब्ध होंगी और पीक टाइम में हर 6 मिनट में प्लेटफॉर्म पर मेट्रो आएगी. MMRDA ने कहा कि लाइन 7 को लाइन 9 से जोड़ के साथ जोड़ने से अंधेरी ईस्ट से मीरा-भायंदर तक सीधी कनेक्टिविटी संभव हो सकेगी, जबकि 2A और लाइन 7 अब अलग-अलग कॉरिडोर के रूप में काम करेंगी.
