मुंबई में मंगलवार (7 अप्रैल) का दिन पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए खास बन गया. शहर को एक साथ दो बड़ी मेट्रो परियोजनाओं मेट्रो-9 और मेट्रो-2B के पहले चरण की सौगात मिली. इनका उद्घाटन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में हुआ. माना जा रहा है कि इससे लाखों यात्रियों की रोज की यात्रा आसान हो जाएगी.
मेट्रो-9 का पहला चरण दहिसर (ईस्ट) से मीरा-भायंदर तक कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा. फिलहाल करीब 4.7 किलोमीटर लंबे इस हिस्से में चार स्टेशन शुरू किए गए हैं.
जिसमें दहिसर (ईस्ट), पांडुरंगवाड़ी, मिरागांव और काशीगांव शामिल हैं. इस पूरी मेट्रो लाइन की कुल लंबाई करीब 10.5 किलोमीटर है. इस रूट पर कुल 8 स्टेशन बनाए जा रहे हैं, जो दहिसर से लेकर मीरा-भायंदर तक के यात्रियों को सीधी और तेज कनेक्टिविटी देंगे.
इस लाइन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह मेट्रो-7 से जुड़ती है, जिससे अंधेरी (ईस्ट) तक बिना ट्रेन बदले पहुंचा जा सकता है. साथ ही, एयरपोर्ट तक पहुंच भी आसान हो जाएगी. वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे से कनेक्शन होने के कारण सड़क और मेट्रो के बीच बेहतर तालमेल मिलेगा.
इससे दहिसर टोल नाका पर लगने वाले भारी ट्रैफिक में कमी आने की उम्मीद है. अनुमान है कि 20–30% लोग सड़क की बजाय मेट्रो का इस्तेमाल करेंगे, जिससे पीक टाइम में जाम 10–15% तक घट सकता है.
मेट्रो-2B से ईस्ट-वेस्ट कनेक्टिविटी को नई रफ्तार
मेट्रो-2B का पहला चरण चेंबूर के डायमंड गार्डन से मंडाले तक शुरू किया गया है. यह करीब 5.53 किलोमीटर लंबा है और इसमें 5 स्टेशन शामिल हैं. पूरी परियोजना DN नगर (अंधेरी) से मंडाले तक जाएगी, जिसकी कुल लंबाई 23.45 किलोमीटर होगी.
इस कॉरिडोर की खास बात इसकी मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी है. यह मेट्रो-1, मेट्रो-3, मेट्रो-4, मोनोरेल और हार्बर लाइन से जुड़ेगी. यानी अब यात्रियों को बस, ट्रेन और मेट्रो के बीच बार-बार झंझट नहीं झेलना पड़ेगा.
इन दोनों मेट्रो लाइनों के शुरू होने से मुंबई में सफर पहले से तेज और आसान हो जाएगा. लोगों को ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी और रोजाना के सफर में काफी समय बचेगा.
खासकर ऑफिस जाने वाले और लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों को इसका सीधा फायदा मिलेगा. साथ ही, ईंधन की खपत कम होगी और प्रदूषण में भी गिरावट आएगी, जो शहर के पर्यावरण के लिए अच्छी खबर है.
ग्रीन और स्मार्ट टेक्नोलॉजी पर फोकस
मेट्रो-9 और मेट्रो-2B दोनों को आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल बनाया गया है. इनमें इलेक्ट्रिक ऑपरेशन, रीजेनेरेटिव ब्रेकिंग और रियल-टाइम मॉनिटरिंग जैसी सुविधाएं दी गई हैं.
स्टेशनों को इस तरह डिजाइन किया गया है कि ज्यादा से ज्यादा प्राकृतिक रोशनी का इस्तेमाल हो सके. इसके अलावा, दिव्यांग यात्रियों के लिए भी खास सुविधाएं रखी गई हैं, ताकि हर कोई आसानी से सफर कर सके.
मेट्रो-9 और मेट्रो-2B का यह विस्तार मुंबई के ट्रांसपोर्ट नेटवर्क को नई दिशा देने वाला है. आने वाले समय में जब ये दोनों प्रोजेक्ट पूरी तरह तैयार होंगे, तब शहर का सफर और भी तेज, स्मार्ट और कनेक्टेड हो जाएगा.
