मेयर रितु तावड़े का बांग्लादेशी फेरीवालों पर एक्शन, अब जब्त किए जाएंगे फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट
Mayor Ritu Tawde: मेयर बनते ही रितु तावड़े ने अवैध बांग्लादेशियों के खिलाफ मोर्चा कारवाई शुरू कर दिया है. जिसमें गैरकानूनी नागरिकों के 237 फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट को एक महीने के अंदर जब्त किया जाएगा.

मुंबई की बृहन्मुंबई महानगरपालिका कि मेयर रितु तावड़े ने एक बैठक कर, उसमें कहा कि हेल्थ डिपार्टमेंट को एक महीने के अंदर मुंबई में गैरकानूनी तरीके से रहने वाले नागरिकों को जारी किए गए 237 फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट जब्त करने चाहिए और फेरीवालों के बर्थ सर्टिफिकेट की भी जांच करनी चाहिए.
बांग्लादेशी फेरीवालों के खिलाफ कार्रवाई करने का मेयर रितु का इरादा
मेयर रितु तावड़े ने कुछ दिन पहले फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट, खासकर बांग्लादेशी फेरीवालों के खिलाफ कार्रवाई करने का अपना इरादा जताया था. इस संबंध में कल (13 फरवरी, 2026) नगर निगम हेडक्वार्टर के मेयर हॉल में संबंधित अधिकारियों की एक रिव्यू मीटिंग रखी गई थी. जिसमें गैरकानूनी नागरिकों को जारी किए गए 237 फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट को एक महीने के अंदर जब्त किए जाने का आदेश दिया गया.
इस मौके पर डिप्टी मेयर संजय घाडी, BJP ग्रुप लीडर गणेश खनकर, पूर्व MP किरीट सोमैया, कॉर्पोरेटर निल सोमैया, प्रकाश गंगाधर, एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर (वेस्टर्न सबर्ब्स) डॉ. विपिन शर्मा, डिप्टी कमिश्नर (पब्लिक हेल्थ) शशरद उधे, एग्जीक्यूटिव हेल्थ ऑफिसर डॉ. दक्षा शाह के साथ-साथ संबंधित तहसीलदार, लाइसेंसिंग डिपार्टमेंट और पुलिस डिपार्टमेंट के संबंधित अधिकारी भी मौजूद थे.
गैर-कानूनी सर्टिफिकेट देने वाले डॉक्टरों पर केश दर्ज करने का आदेश
डिप्टी कमिश्नर पब्लिक हेल्थ, शरद उधे ने बताया कि पोर्टल पर 237 सर्टिफिकेट कैंसिल कर दिए गए हैं. हालांकि, मेयर ने गैर-कानूनी तरीके से सर्टिफिकेट बांटने वाले संबंधित डॉक्टरों और संबंधित हेल्थ अधिकारियों के खिलाफ क्रिमिनल केस दर्ज करने का भी निर्देश दिया है. अब तक 8 लोगों के खिलाफ क्रिमिनल एक्शन लिया जा चुका है.
मेयर ने बाकी लोगों के खिलाफ भी सोमवार (16 फरवरी 2026) से एक्शन लेने का निर्देश दिया और देरी से मिले बर्थ सर्टिफिकेट मामलों में जो सर्टिफिकेट 21 दिन बाद बांटे गए, उनकी दोबारा जांच की मांग की है. वहीं 2 मेडिकल ऑफिसर को सस्पेंड किया गया और दूसरों के खिलाफ एक्शन लिया गया है. उन्होंने कहा कि 1 जनवरी 2016 के बाद के सभी डॉक्यूमेंट्स की जांच की जाएगी.


























