मुंबई में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने एक जीएसटी अधिकारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया. गिरफ्तार आरोपी की पहचान अविनाश मेश्राम के रूप में हुई है, जो राज्य कर निरीक्षक के पद पर जीएसटी भवन में तैनात था. इस कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है.

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वार्षिक रिटर्न के नाम पर मांगी रिश्वत

मिली जानकारी के मुताबिक शिकायतकर्ता एक निजी कंपनी में अकाउंटेंट के पद पर काम करता है. कंपनी के वार्षिक जीएसटी रिटर्न तैयार करने का काम चल रहा था.

इसी दौरान आरोपी अधिकारी अविनाश मेश्राम ने इस काम को आगे बढ़ाने के लिए शिकायतकर्ता से 1 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की. शिकायतकर्ता रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था, इसलिए उसने इस पूरे मामले की शिकायत एसीबी दफ्तर में दर्ज कराई.

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एसीबी ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू की. सत्यापन के दौरान यह सामने आया कि अविनाश मेश्राम ने पहले 50 हजार रुपये की मांग की थी. बाद में बातचीत के बाद वह 30 हजार रुपये लेने पर राजी हो गया. इसके बाद एसीबी ने जाल बिछाया और आरोपी को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया.

आरोपी रंगे हाथ गिरफ्तार, मामला दर्ज

जैसे ही आरोपी ने शिकायतकर्ता से 30 हजार रुपये की रिश्वत ली, एसीबी की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया. आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है. फिलहाल एंटी करप्शन ब्यूरो इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है. यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने पहले भी इस तरह की रिश्वतखोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है या नहीं. इस कार्रवाई से साफ संदेश गया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं और दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा.