मुंबई में नौकरी के नाम पर 8 लाख की ठगी, नकली पुलिसकर्मी समेत 3 गिरफ्तार
Mumbai Cyber Fraud: मुंबई में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी मामले में शिकायत में कहा गया कि आरोपी ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर उनके पति को इनकम टैक्स विभाग में नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया.

मुंबई की क्राइम ब्रांच यूनिट-6 ने नौकरी दिलाने के नाम पर हुए एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया है. पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक नकली पुलिसकर्मी भी शामिल है. शिकायत माहुल महाडा कॉलोनी, चेंबूर निवासी ने दर्ज कराई थी.
शिकायत में कहा गया कि आरोपी विशाल अरुण कांबले ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर उनके पति को इनकम टैक्स विभाग में नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया. इस दौरान आरोपी ने किस्तों में कुल आठ लाख रुपये वसूले, लेकिन न तो नौकरी दी और न ही रकम लौटाई.
फर्जी अपॉइंटमेंट लेटर और दस्तावेज करता था तैयार
इस ठगी में साहिल नितीन गायकवाड़ नाम का युवक बिचौलिये की भूमिका में था, जबकि पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड प्रकाश दिनकर भालेराव था, जो फर्जी अपॉइंटमेंट लेटर और दस्तावेज तैयार करता था. तफ्तीश के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि मास्टरमाइंड प्रकाश भालेराव चुनाभट्टी के सुमन नगर इलाके में आने वाला है.
क्राइम ब्रांच यूनिट-6 से तुरंत करें संपर्क
सूचना मिलने के बाद यूनिट इंचार्ज भरत घोणे ने एक टीम बनाई और उस टीम ने तकनीकी विश्लेषण और गुप्त जानकारी के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में आरोप साबित होने पर उसे औपचारिक रूप से हिरासत में लिया गया और अदालत में पेश किया गया. क्राइम ब्रांच ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी को इन आरोपियों द्वारा दिए गए फर्जी अपॉइंटमेंट लेटर या नौकरी के दस्तावेज मिले हों, तो तुरंत क्राइम ब्रांच यूनिट-6 से संपर्क करें.
एक अन्य मामले में मुंबई के एक 50 वर्षीय बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति एवं यातायात (BEST) कंडक्टर को साइबर धोखाधड़ी में 6.83 लाख रुपये का चूना लगा, जब वह बैंक अधिकारी बनकर केवाईसी विवरण अपडेट करने के बहाने ठगों के जाल में फंस गया. यह घटना वडाला में हुई और रफ़ी अहमद किदवई (आरएके) मार्ग पुलिस इसकी जांच कर रही है.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL
























