पाकिस्तान के नंबर से धमकी: मुंबई पुलिस का एक्शन, J&K का गार्ड गिरफ्तार
मुंबई पुलिस को पाकिस्तानी नंबर से धमकी देने वाले केस में मुंबई क्राइम ब्रांच की क्रिमिनल इंटेलिजेंस यूनिट (CIU) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जम्मू-कश्मीर के एक सुरक्षा गार्ड को गिरफ्तार किया है.

मुंबई में पाकिस्तान से जुड़े एक मोबाइल नंबर से कथित तौर पर भेजी गई धमकी के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच की क्रिमिनल इंटेलिजेंस यूनिट (CIU) ने 45 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है.
गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोहम्मद शरीफ के रूप में हुई है. वह मूल रूप से जम्मू-कश्मीर का रहने वाला बताया जा रहा है और मुंबई में सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर काम करता था. पुलिस जांच कर रही है कि आखिर इसका पाकिस्तानी नंबर वाले शख्स से क्या कनेक्शन है.
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क्या है मामला?
पुलिस के मुताबिक, मुंबई पुलिस को एक पाकिस्तान आधारित मोबाइल नंबर से धमकी मिली थी. जांच के दौरान पुलिस को ऐसे सबूत मिले, जिनसे संकेत मिलता है कि आरोपी का उस व्यक्ति से संपर्क था, जो कथित तौर पर इस पाकिस्तानी नंबर का इस्तेमाल कर रहा था.
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुंबई क्राइम ब्रांच की CIU ने तकनीकी जांच शुरू की. पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पाकिस्तान में मौजूद नंबर का वास्तविक इस्तेमाल कौन कर रहा था और मोहम्मद शरीफ का उससे किस तरह का संपर्क था.
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी की भूमिका केवल संपर्क तक सीमित थी या वह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा था. फिलहाल पाकिस्तान कनेक्शन की पुष्टि नहीं हुई है और जांच जारी है.
पुराने मामलों में भी सामने आया है पाकिस्तान नंबर का इस्तेमाल
मुंबई पुलिस को इससे पहले भी पाकिस्तान आधारित नंबरों से धमकी भरे संदेश मिल चुके हैं. अगस्त 2022 में मुंबई ट्रैफिक पुलिस के व्हाट्सऐप नंबर पर पाकिस्तान के नंबर से 26/11 जैसे हमले की धमकी दी गई थी. उस मामले में क्राइम ब्रांच और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने जांच की थी.
मुंबई पुलिस की हालिया जांचों में यह भी सामने आया है कि सीमा पार से आने वाले धमकी संदेशों में VPN, VoIP और अन्य तकनीकी माध्यमों का इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे वास्तविक लोकेशन और व्यक्ति की पहचान करना चुनौतीपूर्ण होता है.
पुलिस खंगाल रही है कॉल और डिजिटल कनेक्शन
मोहम्मद शरीफ से पूछताछ के जरिए पुलिस उसके मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल संपर्कों की जांच कर रही है. जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाना है कि पाकिस्तान स्थित नंबर के पीछे कौन है और धमकी देने का मकसद क्या था. मुंबई पुलिस का कहना है कि मामले में अभी जांच चल रही है और पाकिस्तान कनेक्शन तथा धमकी के पीछे मौजूद अन्य लोगों की पहचान होने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ होगी.





















