Maharashtra News: मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन की जांच के दौरान एक मामला सामने आया है, जहां हिंदी न बोल पाने की वजह से एक फर्जी भारतीय नागरिक की असलियत का पता चला और फिर उसे सहार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. सूत्रों ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वो म्यांमार नागरिक है और अपनी पहचान छिपाकर भारत मे रह रहा था. साथ ही विदेश यात्राएं भी कर चुका था.

गिरफ्तार आरोपी ने भारतीय दस्तावेजों में नाम बॉयलटुंग साइमन लिखवाया था और इसी नाम से वो दिल्ली में रह रहा था. जांच के दौरान पता चला कि आरोपी का असली नाम थांग सो लिआन है, जिसकी उम्र 34 साल है.

मिजोरम के रास्ते अवैध रूप से भारत में हुआ दाखिल

एक अधिकारी ने बताया कि थांग ने यह बात कबूली की उसने साल 2019 में म्यांमार में सरकार विरोधी प्रदर्शनों में हिस्सा लिया था, जिसके बाद उस पर गिरफ्तारी का वारंट जारी हुआ. गिरफ्तारी से बचने के लिए वह मिजोरम के रास्ते अवैध रूप से भारत में दाखिल हुआ और फिर दिल्ली में रहने लगा.

थांग ने आगे खुलासा किया कि दिल्ली में उसने तालिब नाम के एक एजेंट की मदद से नकली भारतीय दस्तावेज और पासपोर्ट बनवाया. एक अधिकारी ने बताया कि जब आरोपी मलेशिया जाने के लिए मुंबई एयरपोर्ट पहुंचा तो इमिग्रेशन अधिकारी दिलीप ठाकुर ने उसकी आम भाषा में पूछताछ की.

पुलिस फर्जी दस्तावेज दिलवाने वाले नेटवर्क की तलाश में जुटी

उसने पासपोर्ट में जन्मस्थान आइजोल, मिजोरम लिखवाया था, लेकिन आरोपी राज्य के बारे में बेसिक जानकारी भी नहीं दे पा रहा था. सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि वह हिंदी समझ या बोल नहीं पा रहा था, जबकि वह खुद को दिल्ली का निवासी बता रहा था. इस पर शक गहराया और मामला विंग इंचार्ज सूरज जाधव और ड्यूटी ऑफिसर कमल भट्ट को सौंपा गया.

लंबी पूछताछ के दौरान आरोपी केवल अंग्रेजी में बात करता रहा. लेकिन, उससे हिंदी में बातचीत न कर पाने की वजह पूछी गई, तब जाकर उसने अपनी असली जानकारी बताई. सो लिआन की गिरफ्तारी के बाद अब सहार पुलिस फर्जी दस्तावेज दिलवाने वाले नेटवर्क की तलाश में जुटी हुई है.