मुंबई से सटे मीरा रोड में सामने आए कथित ‘लोन वुल्फ’ अटैक मामले ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है. इस मामले में महाराष्ट्र ATS ने बड़ा कदम उठाते हुए 31 वर्षीय आरोपी जुबेर अंसारी के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) 1967 की धारा 16 के तहत केस दर्ज किया है. सोमवार को पहली पुलिस कस्टडी खत्म होने के बाद आरोपी को विशेष UAPA अदालत में पेश किया गया, जहां ATS ने आगे की पूछताछ के लिए अतिरिक्त हिरासत की मांग की.

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अदालत ने एजेंसी की दलीलों को स्वीकार करते हुए आरोपी को 11 मई तक ATS की कस्टडी में भेज दिया है. अब जांच एजेंसियां आरोपी के नेटवर्क, मंशा और संभावित साजिश के हर पहलू को खंगालने में जुटी हैं.

आरोपी ने सबूत मिटाने की कोशिश की

सरकारी पक्ष के अनुसार, आरोपी से कुछ संदिग्ध वॉइस कॉल्स और उसके संभावित अंतरराष्ट्रीय संपर्कों को लेकर आगे पूछताछ जरूरी है. अधिकारियों ने अदालत को बताया कि अंसारी ने मोबाइल फोन जब्त किए जाने से पहले उसे फॉर्मेट कर दिया था. जिससे जांच एजेंसी को शक है कि उसने अहम सबूत मिटाने की कोशिश की. इसमें डार्क वेब से जुड़ी गतिविधियों और संभावित संपर्कों का डेटा भी शामिल हो सकता है.

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आबू धाबी में ऑनलाइन ट्यूशन देता था आरोपी

इसके अलावा, सरकारी वकील संजय मोरे ने अदालत को यह भी बताया कि आरोपी अफगान मूल की अमेरिका में रहने वाली पत्नी से जुड़ी जानकारी भी जांच के लिए महत्वपूर्ण है. ATS ने आगे बताया कि पूछताछ के दौरान अंसारी ने दावा किया कि वह अबू धाबी स्थित एक संस्थान के लिए गणित और रसायन विज्ञान की ऑनलाइन ट्यूशन देता था. जांच एजेंसी अब इन दावों की पुष्टि कर रही है और मामले से उनके संबंध की पड़ताल कर रही है.

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