Mehul Choksi News: पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के साथ तकरीबन 14,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी मामले के भगोड़े आरोपी मेहुल चोकसी को बेल्जियम पुलिस ने गिरफ्तार किया है. भारतीय जांच एजेंसियों की पूरी कोशिश है कि उसे प्रत्यर्पण कर भारत लाया जाए. इस बीच जानकारी आई है कि मेहुल चोकसी मालाबार हिल के जिस लैविश इमारत में रहता था, उसने सालों से उसका मेंटनेंस भी नहीं भरा है.
मुंबई के पॉश इलाके मालाबार हिल के गोकुल अपार्टमेंट में उसका करीब 7 हजार वर्ग फीट का अपार्टमेंट है. इस घर पर सोसायटी का 3 करोड़ रुपये बकाया है. इसमें सोसायटी मेंटेनेंस और रेनोवेशन का खर्च शामिल है. ऐसे में सोसायटी के लोगों में इसको लेकर गुस्सा है.
2018 से 2025 के बीच का बकाया
सोसायटी कमेटी के लोग जल्द ही ED को पत्र लिख कर इस बात से अवगत कराएंगे . गोकुल अपार्टमेंट के कमेटी मेंबर प्रियंक पारेख ने बताया कि यह बकाया 2018 से 2025 के बीच का है, जिसे चोकसी ने अब तक नहीं चुकाया. हम जल्द ही ईडी से संपर्क करेंगे और बकाया वसूली के लिए केंद्रीय एजेंसी से मदद मांगेंगे.
इतना ही नहीं मेहुल चोकसी के घर के बाहर कई सारे एजेंसियों के नोटिस भी चिपकाए गए हैं. चोकसी का तीन मंजिल का घर गोकुल अपार्टमेंट में 70 करोड़ का है. 9, 10 और 11 फ्लोर पर घर है. मेहुल चोकसी भारत से भागने से पहले अपने परिवार सहित इसी घर में रहता था. अब तक एजेंसियों ने मेहुल चोकसी की कई संपत्तियां जप्त की है. इस घर की कीमत करोड़ों में है लेकिन अब तक इसके जप्त की कार्रवाई बाकी है, घर के बाहर में जांच एजेंसियों ने कई नोटिस चिपकाए हैं. इतने नोटिस लगे हैं कि घर के दरवाजे पर कहीं जगह नहीं बची है.
मेहुल चोकसी ने कैसे किया घोटाला?
2008 से, नीरव मोदी और मेहुल चोकसी ने पीएनबी के ब्रैडी हाउस शाखा से अवैध रूप से लेटर्स ऑफ अंडरटेकिंग (LoUs) और फॉरेन लेटर ऑफ क्रेडिट (FLCs) जारी करवा कर विदेशी बैंकों से कर्ज प्राप्त किया. इन लेनदेन को बैंक के कोर बैंकिंग सिस्टम में दर्ज नहीं किया गया, जिससे बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं हो सकी.
यह धोखाधड़ी 2018 में तब उजागर हुई जब एक नए कर्मचारी ने लेनदेन में गड़बड़ी पाई और इसकी सूचना आला अधिकारियों को दी. इस घोटाले में पीएनबी के तत्कालीन डिप्टी मैनेजर गोकुलनाथ शेट्टी और एक अधिकारी ने नीरव मोदी और मेहुल चोकसी की कंपनियों को अवैध रूप से LoUs जारी किए. बैंक की पूर्व सीईओ उषा अनंतसुब्रमण्यम और कार्यकारी निदेशक केवी ब्रह्माजी राव और संजीव शरण को भी आरोपी बनाया गया था .