महाराष्ट्र में प्रतिबंधित गुटखे के अवैध कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए राज्य सरकार ने अब तक की सबसे बड़ी और सख्त तैयारी कर ली है. राज्य के इतिहास में ऐसा पहली बार होने जा रहा है जब गुटखा बेचने वालों और इस सिंडिकेट से जुड़े माफियाओं के खिलाफ मकोका (MCOCA - Maharashtra Control of Organised Crime Act) के तहत मामला दर्ज किया जाएगा. यह अभियान 12 जून से पूरे राज्य में लागू किया जाएगा.

Continues below advertisement

कार्रवाई के मुख्य बिंदु

खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने सख्त आदेश जारी किए हैं. इसके तहत कार्रवाई केवल छोटी दुकानों या सड़क किनारे गुटखा बेचने वालों तक सीमित नहीं रहेगी. इस संगठित नेटवर्क में शामिल गुटखा निर्माता, विक्रेता, फाइनेंसर, सप्लायर, कमीशन एजेंट, ट्रांसपोर्टर, गोदाम संचालक और तस्कर—सभी को MCOCA के दायरे में लाया जाएगा.

Continues below advertisement

कॉमेडी शो में विवादित बयान देने वाली डॉ. सेजल पवार पर होगा एक्शन? आया अस्पताल का बयान

कानूनी ढांचा

12 जून से शुरू होने वाली इस महा-कार्रवाई में MCOCA के साथ-साथ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (Food Safety Act) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं का भी सख्ती से इस्तेमाल किया जाएगा.

संविधान के अनुच्छेद 47 का हवाला

 FDA आयुक्त ने अपने आदेश में संविधान के अनुच्छेद 47 का विशेष उल्लेख किया है, जिसके अनुसार जनस्वास्थ्य में सुधार करना और हानिकारक पदार्थों पर रोक लगाना राज्य का प्राथमिक कर्तव्य है.

क्यों पड़ी इतनी सख्त कार्रवाई की जरूरत?

महाराष्ट्र में गुटखा और पान मसाला पूरी तरह से प्रतिबंधित है. इसके बावजूद, एक बड़े संगठित नेटवर्क के जरिए राज्य में इसका अवैध कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है. अधिकारियों के अनुसार, अब तक कई बार छापेमारी हुई, एफआईआर दर्ज की गईं और मुकदमे भी चले, लेकिन यह नेटवर्क फिर से सक्रिय हो जाता है. इस अवैध कारोबार से आम जनता के स्वास्थ्य को गंभीर खतरा पैदा हो रहा था, जिसे देखते हुए इस पूरे ढांचे को 'संगठित अपराध' मानकर तोड़ने का फैसला लिया गया है.

पिछले 10 सालों के आंकड़े (गुटखा कारोबार पर कार्रवाई)

पिछले एक दशक में गुटखा माफियाओं पर हुई कार्रवाई के आंकड़े बताते हैं कि नेटवर्क कितना बड़ा है:

अपराधी की श्रेणीदर्ज की गई FIR की संख्या
कुल मामले703
गुटखा निर्माता (Manufacturers)260
सप्लायर (Suppliers)248
ट्रांसपोर्टर (Transporters)190

आगे की रणनीति

प्रशासन अब इन पुराने 703 मामलों की भी 'संगठित अपराध' के नजरिए से दोबारा जांच करेगा. यदि इनमें सिंडिकेट या संगठित गिरोह की संलिप्तता पाई जाती है, तो उनके खिलाफ भी MCOCA के तहत शिकंजा कसा जाएगा. महाराष्ट्र में अवैध गुटखा कारोबार को खत्म करने की दिशा में इस फैसले को अब तक का सबसे कड़ा और ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है.

Maharashtra News: हत्या के पीछे क्या है वजह? घर में घुसकर 13 साल के बच्चे को मारी गोली... आरोपी फरार