Waqf Amendement Bill: वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ रमजान के आखिरी जुमे पर काली पट्टी बांधकर मुस्लिम संगठनों ने विरोध जताया. ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, मुस्लिम संगठन और मौलानाओं द्वारा अपील की गई थी कि बिल के खिलाफ काली पट्टी बांधकर जुम्मा तुल विदा ( ईद से पहले जुमे की नमाज ) अदा की जाए और भारत सरकार तक अपनी नाराजगी पहुंचाई जाए. मुंबई की हांडी वाली मस्जिद में रजा अकैडमी, जमीयत उलेमा और अन्य मुस्लिम संगठनों ने नमाज से पहले वक्फ बिल पर बात की और अपना विरोध जताया.
मौलाना एजाज कश्मीरी ने इस दौरान कहा कि हुकमत के आगे नहीं झुकेंगे. ये भगवा आतंकवाद है जो मुस्लिम बच्चियों को बहकाकर अपने साथ ले जाते हैं. हुकूमत अपने खुद के मजहब के लिए वफादार नहीं है मुस्लिम के लिए कैसे हो सकती है. हुकूमत ने हमेशा मुसलमानों को परेशान करने की कोशिश की है कभी ट्रिपल तलाक,कभी औरंगजेब और कभी वक्फ, हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे.
जब मुगल नहीं रहे तो फिर आप नहीं रहेंगे- एजाज कश्मीर
एजाज कश्मीर ने कहा कि मस्जिद के अंदर इस्लाम का झंडा और भारत का तिरंगा दोनों हैं. भारत को आबाद रखने की दुआ की और फिर सरकार को मजहबी मुद्दों से दूर रखने को कहा. उन्होंने केंद्र सरकार पर वार करते हुए कहा, ''हमें आपके धर्म से मतलब नहीं. आप भी हमें ना सिखाएं. हमें मंत्री, मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री ना सिखाए आप मुल्क की भलाई का काम करें. बड़े बड़े नहीं रहे आप भी नहीं रहेंगे. मुगल 600 साल के बाद नहीं रहे तो आपको तो 20 साल भी नहीं हुए.ये मुल्क "हम" से चलता है "ह" से हिंदू और "म" से मुस्लिम.''
फिलिस्तीन के लिए की गई दुआ
वहीं, मौलाना सईद नूरी ने कहा कि आज आखरी अलविदा जुमा पर इजराइल की जाहिलियत और फिलिस्तीन के लिए दुआ की गई. साथ ही साथ वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ भी दुआ हुई. यह बिल खतरनाक है. इस बिल के बाद मुसलमानों का हक खत्म हो जाएगा. नाम बदल दिया जाएगा. गैर मुसलमान शामिल होंगे, हमे ये बिल मंजूर नहीं है. सियासत मजहब का इस्तेमाल कर रही है.