मुंबई के कांदिवली इलाके में सोमवार को मराठी बोलने वाले एक ऑटो चालक द्वारा भाषा की जानकारी से जुड़े नियम के विरोध में हो रहे प्रदर्शन में शामिल होने से इनकार करने पर चार ऑटो चालकों ने कथित तौर पर उसके साथ मारपीट की. 

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इस घटना के बाद स्थानीय मराठी भाषी लोगों और उत्तर भारत से आए चालकों के बीच तनाव पैदा हो गया है. एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने दोपहर में उपनगरीय कांदिवली में प्रकाश शेजवाल पर कथित तौर पर हमला करने के आरोप में सुरेश यादव, महेंद्र यादव, अनिल कुमार यादव और नूरुल अंसारी को गिरफ्तार किया. 

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मराठी भाषा की अनिवार्यता की विरोध में प्रदर्शन

अधिकारी के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब बड़ी संख्या में ऑटो-रिक्शा चालक राज्य सरकार के मराठी को ‘‘कामकाजी भाषा’’ के रूप में लागू करने के अभियान के विरोध में एमजी रोड पर एकत्र हुए थे. प्रदर्शनकारी अन्य ऑटो चालकों से भी अपने वाहन नहीं चलाने की अपील कर रहे थे. 

अधिकारी ने बताया कि शेजवाल अपनी ऑटो-रिक्शा में यात्रियों को ले जाते रहे, जिससे कुछ प्रदर्शनकारी नाराज हो गए और उन्होंने उसे अपशब्द कहे, जबकि चार आरोपियों ने उस पर हमला कर दिया. पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और जांच जारी है.

मारपीट के मामले में 4 आरोपियों पर केस दर्ज

पुलिस ने इनके खिलाफ कांदिवली पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है.जांच के दौरान पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच जारी है. पुलिस का कहना है कि हड़ताल के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और किसी को भी जबरन दूसरों का काम रोकने की इजाजत नहीं दी जाएगी.

इस घटना के बाद कांदिवली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि शासन के नियमों के अनुसार टैक्सी और रिक्शा सेवाएं सुचारू रूप से चलने दें. पुलिस ने कहा कि किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें और कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें.

परिवहन कार्यालयों ने किया 331 चालकों को नोटिस जारी

 इस बीच अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को पूरे महाराष्ट्र के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों ने 331 ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों को नोटिस जारी किए, जिनमें से मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) के 139 चालक भी शामिल हैं. इन चालकों को मराठी भाषा का कामकाजी ज्ञान न होने के कारण नोटिस दिया गया.

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