महाराष्ट्र लोकल बॉडी चुनावों के हिस्से के तौर पर हुए मालेगांव नगर निगम चुनावों के नतीजों ने नगर निकाय की राजनीतिक बनावट को काफी बदल दिया है. शहर की एक क्षेत्रीय पार्टी 84 सदस्यों वाले निगम में 35 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है.

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हालांकि पार्टी ने सबसे ज़्यादा सीटें हासिल कीं, लेकिन वह 43 सीटों के साधारण बहुमत के आंकड़े से पीछे रह गई, जो स्वतंत्र रूप से नगर प्रशासन बनाने के लिए जरूरी है. नगर निकाय नेतृत्व का गठन चुने हुए पार्षदों के बीच चुनाव के बाद की बातचीत और समर्थन व्यवस्था पर निर्भर रहने की उम्मीद है.

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) दूसरे स्थान पर रही, जिसने शहर के अलग-अलग वार्डों में 21 सीटें हासिल कीं. पार्टी ने नगर निकाय में अपना प्रतिनिधित्व मजबूत किया है और अब नई बनी परिषद में उसके पास काफी संख्या में पार्षद हैं. 

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महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट को 18 सीटें मिलीं, जिससे वह कुल मिलाकर तीसरे स्थान पर रहा. पार्टी ने निगम में अपनी अच्छी मौजूदगी बनाए रखी, हालांकि सीटों की संख्या के मामले में वह दो प्रमुख राजनीतिक पार्टियों से पीछे रही. 

कांग्रेस का दबदबा खत्म!

समाजवादी पार्टी ने छह सीटें जीतीं. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, जिसका पहले निगम में दबदबा था, इस चुनाव में तीन सीटों पर सिमट गई. भारतीय जनता पार्टी (BJP) का प्रदर्शन सीमित रहा, उसे निगम में दो सीटें मिलीं. 

किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत न मिलने के कारण, नगर निकाय में मेयर पद और स्थायी समिति की सदस्यता सहित प्रमुख पदों पर बातचीत होने की उम्मीद है. नगर प्रशासन में कौन किस पद पर रहेगा, इस पर चर्चाओं के बाद ही जानकारी सामने आ सकती है.

इन परिणामों पर इस्लाम पार्टी के प्रमुख शेख आसिफ शेख राशिद ने कहा, 'मालेगांव नगर निगम चुनाव के नतीजे बताते हैं कि हमारी पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है यह जनादेश एक बड़ी ज़िम्मेदारी है. अगर हमारा मेयर चुना जाता है, तो हम शहर की समस्याओं को हल करने और यहां के लोगों की सेवा करने के लिए पूरी ईमानदारी से काम करेंगे. नतीजे अभी आए हैं, और हम अपने उम्मीदवारों और सीनियर नेताओं से मिलकर आगे की रणनीति तय करेंगे, जिसमें मेयर का चुनाव भी शामिल है. जल्द ही अपडेट दिया जाएगा.'