Maharashtra: महाराष्ट्र में प्री-मानसून बारिश ने बढ़ाई किसानों की चिंता, कई जिलों में फसलें तबाह, 3 की मौत
Maharashtra Rain Alert: महाराष्ट्र में प्री-मानसून बारिश, ओलावृष्टि और तेज आंधी से कई जिलों में फसलें, बागान और पशुधन प्रभावित हुए हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है.

Maharashtra Weather Update: महाराष्ट्र में पिछले कुछ दिनों से मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है. कहीं गर्मी का कहर देखने को मिल रहा है, तो कहीं प्री-मानसून बारिश और तेज हवाएं तबाही तबाही मचा दी है. मौसम विभाग के अनुसार मानसून केरल में प्रवेश कर चुका है, लेकिन महाराष्ट्र में मानसून पहुंचने में अभी कुछ समय बाकी है. हालांकि, मानसून से पहले ही कई जिलों में बारिश, ओलावृष्टि और तेज आंधी ने जनजीवन और खेती को प्रभावित कर दिया है.
इस मौसम का सबसे ज्यादा खामियाजा अब किसानों पर पड़ा है. कई जिलों में फसलें बर्बाद हो गई हैं, बागान उजड़ गए हैं और पशुओं की मौत के मामले भी सामने आए हैं. इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है.
परभणी और बीड में जनहानि, फसलों को भारी नुकसान
परभणी जिले में कल (1 जून) रात हुई तेज बारिश और आंधी के दौरान एक घर की दीवार गिरने से 11 साल की दीपाली नंदगे की मौत हो गई. वहीं गंगाखेड तालुका के गौंडगांव में आकाशीय बिजली गिरने से एक किसान के बैल और गाय की मौके पर ही मौत हो गई. कई इलाकों में घरों की छतें उड़ गईं और रेलवे स्टेशन का टिन शेड भी उखड़कर बिजली तारों पर जा गिरा.
वहीं दूसरी ओर, बीड जिले के आष्टी तालुका में ओलावृष्टि और बारिश ने बागवानी किसानों की कमर तोड़ दी. केले और जामुन के बागों को भारी नुकसान पहुंचा है. जिन फसलों की कटाई शुरू हो चुकी थी, वे भी बर्बाद हो गईं. किसानों का कहना है कि लाखों रुपये की संभावित कमाई बारिश में बह गई.
बुलढाणा और सोलापुर में तबाही, किसानों की बढ़ी चिंता
बुलढाणा जिले के संग्रामपुर, शेगांव और खामगांव क्षेत्रों में चक्रवाती हवाओं और बारिश ने हजारों हेक्टेयर में फैले केले और संतरे के बागों को नुकसान पहुंचाया. कई जगहों पर तैयार फसलें जमीन पर बिछ गईं, जिससे किसानों को काफी बड़ा झटका लगा है.
वहीं सोलापुर के करमाला तालुका में तेज हवाओं के कारण सैकड़ों एकड़ में फैले केले के बाग गिर गए. कई घरों की छतें उड़ गईं. पोमलवाड़ी गांव में घर की दीवार गिरने से वृद्ध दंपति जगन्नाथ नवले और शालन नवले की मौत हो गई. प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है, जबकि किसान जल्द राहत और मुआवजे की मांग कर रहे हैं.

























