Maharastra Water Crisis: महाराष्ट्र में गर्मी बढ़ने के साथ जल संकट लगातार बढ़ता जा रहा है. यहां इससे सबसे ज्यादा प्रभावित विदर्भ है. 70 गांवों के सामने पेयजल संकट है. यहां सरकार की राहत योजनाएं नाकाम साबित होती हुई दिखाई दे रही हैं. कई जगहों पर एकमात्र जल स्रोत भी सूख गया है. ग्रामीणों को रोज़ाना कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है जिससे लोगों में निराशा बढ़ रही है.
भीषण गर्मी में गहराया जलसंकट
महाराष्ट्र में भीषण गर्मी के बीच अमरावती जिले में कई गावों में जलस्रोत पूरी तरह से सूख चुके हैं और सरकार की ओर से लागू की गई राहत योजनाएं भी इस संकट के आगे बेअसर साबित हो रही हैं. जलप्रबंधन की बड़ी चुनौती है जिसका सटीक उपाय अब तक नहीं मिल पाया है .
गर्मी की तीव्रता के चलते जलस्तर तेजी से गिरा है. तापमान में लगातार हो रही वृद्धि से जलस्रोतों का बाष्पीकरण भी तेजी से हो रहा है, जिससे पानी की उपलब्धता और घट गई है. इस गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने आपातकालीन उपायों के तहत निजी संसाधनों का अधिग्रहण करना शुरू किया है.
प्रशासन ने पानी की कमी को देखते हुए जिले में अब तक 44 निजी कुओं और बोरवेल का अधिग्रहण किया गया है. मेलघाट आदिवासी जंगल क्षेत्र में 12 निजी टैंकरों के माध्यम से जल आपूर्ति की जा रही है. इसके अलावा, मेलघाट में 23 निजी बोरवेल का अधिग्रहण कर वहां भी पानी पहुंचाया जा रहा है.
