Beed Parli News: महाराष्ट्र के बीड जिले के परली तालुका से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां एक युवक ने फेसबूक पोस्ट करने के बाद अपनी जान ले ली है. मृतक की पहचान रामेश्वर गव्हाणे के रूप में हुई है, जो परली तालुका के नागापुर का रहने वाला था. इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया है.

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बताया जा रहा है कि रामेश्वर ने अपने खेत में पहले जहर खाया और फिर फांसी लगाकर अपनी जान दे दी. आत्महत्या करने से पहले उसने फेसबुक पर एक लंबा पोस्ट किया. पोस्ट में उन्होंने अपनी पत्नी और रिश्तेदारों पर मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए. पोस्ट के बाद कई लोगों ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुका था.

फेसबुक पोस्ट में क्या कहा गया है?

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रामेश्वर ने अपने फेसबूक पोस्ट में लिखा कि मैं पिछले दो साल से जो सह रहा था, यह मेरे मन को बहुत पीड़ा देता था. उसने अपनी पत्नी नम्रता जाधव पर आरोप लगाया और कहा कि वह पिछले दो साल से मुझे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रही थी.

साथ ही कुछ डॉक्टरों और वकीलों के नामों का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि उसकी पत्नी ने झूठी मेडिकल रिपोर्ट और फर्जी इलाज के जरिए उसे धोखा दे रही है. फिलहाल वह कह रही है कि वह सात-आठ हफ्ते की गर्भवती है और इसस पूरे मामले में कुछ लोग उसका साथ दे रहे हैं.

इसके अलावा उसने कुछ रिश्तेदारों पर भी आरोप लगाए कि वे उसे फंसा कर उसकी संपत्ति पर कब्जा करने की साजिश रच रहे है. पोस्ट में उसने यह भी लिखा कि उसे लगातार डराया-धमकाया जा रहा था और उसके खिलाफ झूठे केस दर्ज की जाने की कोशिश कर रहे थे.

दो साल से चल रहा था विवाद

जानकारी के मुताबिक, रामेश्वर की शादी करीब दो साल पहले हुई थी और उसी समय से उसके जीवन में तनाव शुरू हो गया था. उसने अपने पोस्ट में लिखा कि पिछले दो साल से मेरी पत्नी मुझे अक्सर परेशान करती थी. छोटी-छोटी बातों पर मुझसे झगड़ा करना, मेरा अपमान करना, मुझे गाली देना और मुझे बात- बात पर भड़काया करती थी. 

रामेश्वर ने बताया कि शादी से पहले उससे कई बातें छिपाई गई थीं और उसे धोखे में रखकर विवाह कराया गया. मेरी पत्नी कभी मां नहीं बन सकती थी इस बात को मुझसे छुपाया गया था. इस मामले में उसने अपने ससुराल पक्ष और कुछ अन्य लोगों पर भी अपने खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया.

न्याय की मांग और अंतिम अपील

अपने आखिरी पोस्ट में रामेश्वर ने लिखा कि मुझे पुलिस प्रशासन और समाज से न्याय चाहिए. उसने लिखा कि मुझे मरने के बाद भी न्याय दें, अगर मुझे न्याय मिला तो आगे से मेरे जैसे किसी बेकसूर बच्चे की जिंदगी बर्बाद नहीं होगी और उसे मेरी तरह आत्महत्या करने की नौबत नहीं आएगी.

मुझे पता है कि आत्महत्या करने से समस्याएं हल नहीं होंगी, लेकिन मैं असहनीय दर्द सहते-सहते अब थक गया हूं. उसने कहा मां और सुरेखा मुझे माफ करना, मैं अब और नहीं सह सकता. साथ ही उसने अपने परिवार, खासकर मां और भाई का ध्यान रखने की अपील भी की.