प्राप्त जानकारी के मुताबिक, दशरथ धोत्रे चार दिन पहले काम के सिलसिले में पुणे के सिंहगढ़ किले पर पहुंचे थे. वे नरवीर तानाजी मालुसरे समाधि क्षेत्र में पुरातत्व विभाग से जुड़े कार्य के लिए नियुक्त ठेकेदार के अंतर्गत अन्य चार-पांच मजदूरों के साथ काम कर रहे थे. सभी मजदूर किले परिसर में ही रह रहे थे. बुधवार की मध्यरात्रि से दशरथ अचानक लापता हो गए थे.
टूरिस्टों को घाटी में एक शव दिखा
सहकर्मियों को पहले संदेह था कि वह अपने गांव लौट गए होंगे, लेकिन पूरे दिन उनसे संपर्क नहीं हो सका. इसी बीच गुरुवार शाम को कल्याण दरवाजा क्षेत्र में घूमने आए टूरिस्टों को घाटी में एक शव दिखाई दिया. उन्होंने तुरंत इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दी.
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की
सूचना मिलते ही हवेली आपदा प्रबंधन दल के तानाजी भोसले और उनकी टीम मौके पर पहुंची और घाटी से शव को बाहर निकाला. इसके बाद शव को स्थानीय राजगढ़ पुलिस के हवाले कर दिया गया. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
फिलहाल मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा. इस घटना से सिंहगढ़ क्षेत्र में शोक का माहौल है और मजदूरों व स्थानीय लोगों में चिंता व्याप्त है. पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है.
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