Maharashtra News: महाराष्ट्र के पालघर जिले के वाडा तालुका के नाकारपाड़ा और जुगरे पाड़ा गांवों के बच्चों को हर दिन स्कूल जाने के लिए जान जोखिम में डालनी पड़ती है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है. वीडियो में दिखाई दे रहा है कि किस तरह बच्चे अपनी जान को जोखिम में डालकर स्कूल जाते हैं.
इन गांवों के बच्चे गरगांव स्कूल में पढ़ते हैं, लेकिन स्कूल तक पहुंचने का रास्ता बेहद खतरनाक है. उन्हें राखाडी नदी पार करनी पड़ती है, जिसके ऊपर एक बहता हुआ बांध बना है. बच्चे इसी बांध पर चलकर स्कूल जाते हैं, जो बहुत ही जोखिम भरा है.
सड़क के रास्ते से पांच किलो मीटर दूर है स्कूल
अगर बच्चे सड़क के रास्ते से जाएं, तो उन्हें नदी का पूरा चक्कर लगाना पड़ता है. इस रास्ते से दूरी करीब पांच किलोमीटर हो जाती है और लौटने में भी उतनी ही दूरी तय करनी पड़ती है. इस कारण बच्चे थक जाते हैं और स्कूल जाने में रुचि नहीं लेते. दूसरी ओर नदी पार करने पर स्कूल सिर्फ दो किलोमीटर दूर रह जाता है, इसलिए बच्चे खतरनाक रास्ता अपनाने को मजबूर हैं.
सरकार ने दिखाई लापरवाही
यह बेहद चिंता की बात है. बच्चों की जान हर रोज खतरे में रहती है और थोड़ी सी लापरवाही बड़ा हादसा बन सकती है. इसलिए गांव के लोगों और बच्चों ने सरकार से मांग की है कि इस नदी पर एक मजबूत और सुरक्षित पुल बनाया जाए. अगर पुल नहीं बन सकता तो कम से कम इस बांध को ऊंचा और सुरक्षित बनाया जाए. इस समस्या ने सरकार और प्रशासन की लापरवाही को दिखा दिया है. आज भी हमारे देश में कई ऐसे गांव हैं, जहां बच्चों को पढ़ाई के लिए अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ती है.
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