महाराष्ट्र में प्याज के दाम पर बवाल! उग्र हुआ किसान आंदोलन, हिरासत में रोहित पवार समेत कई नेता
Maharashtra News: महाराष्ट्र में प्याज की गिरती कीमतों को लेकर किसानों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा. नाशिक में MVA के रास्ता रोको आंदोलन के दौरान हाईवे जाम हो गया.

महाराष्ट्र में प्याज की गिरती कीमतों को लेकर किसानों का गुस्सा अब सड़कों पर खुलकर दिखाई देने लगा है. नाशिक के चांदवड में प्याज उत्पादक किसानों का आंदोलन बुधवार (27 मई) को और उग्र हो गया. किसानों का कहना है कि कड़ी मेहनत से उगाई गई प्याज को बाजार में बेहद कम दाम मिल रहे हैं, जिससे खेती का खर्च निकालना भी मुश्किल हो गया है.
इसी मुद्दे को लेकर महाविकास आघाड़ी (MVA) ने राज्यभर में ‘रास्ता रोको’ आंदोलन शुरू किया है. कई जगहों पर प्रदर्शनकारी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गले में प्याज की मालाएं पहनकर सरकार के खिलाफ विरोध जताया.
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मुंबई-आगरा हाईवे पर लगा लंबा जाम
नाशिक जिले के चांदवड चौफुली में किसानों ने मुंबई-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर रास्ता रोको आंदोलन किया. किसानों की मांग है कि प्याज को कम से कम 24 रुपये प्रति किलो का समर्थन मूल्य दिया जाए और बेचे गए प्याज पर 15 रुपये प्रति किलो की सब्सिडी मिले. इसी मांग को लेकर ‘आक्रोश महामोर्चा’ निकाला गया.
इस आंदोलन में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल, शिवसेना (UBT) नेता अंबादास दानवे, राष्ट्रवादी (SP) विधायक रोहित पवार, शशिकांत शिंदे और भास्कर भगरे समेत हजारों किसान शामिल हुए. आंदोलन के चलते हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया.
'6 हजार लोगों को पुलिस ने रोका'- रोहित पवार
आंदोलन के दौरान रोहित पवार ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा, “क्या किसानों को प्याज का उचित दाम मिल रहा है? नेता कह रहे हैं कि आने वाले समय में बारिश नहीं होगी, तो किसानों को भाव कैसे मिलेगा? शरद पवार ने हमें कहा है कि किसानों के साथ सड़क पर उतरें. नाफेड में सत्ताधारी दल के करीबी लोग प्याज खरीद रहे हैं. 8 से 10 लाख टन प्याज खरीदा जाए. अगर यह प्याज देश में नहीं बिक सकता तो विदेश में बेचा जाए, और वहां भी न बिके तो जला दिया जाए.”
उन्होंने कहा कि इतने बड़े आंदोलन के बावजूद सत्ताधारी नेता टिकट वितरण और नगरसेवकों की खरीद-फरोख्त में व्यस्त हैं. रोहित पवार ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन ने करीब 6 हजार लोगों को आंदोलन में शामिल होने से रोका है और उन्हें तुरंत छोड़ा जाना चाहिए.
प्रदर्शन के दौरान बढ़ा तनाव
चांदवड में आंदोलन उस समय और उग्र हो गया जब प्रदर्शनकारियों ने रास्ता रोककर सड़क पर खड़े वाहनों की ओर दौड़ लगाई. इससे मौके पर तनाव का माहौल बन गया. कुछ प्रदर्शनकारियों पर वाहनों की हवा निकालने का आरोप भी लगा. पुलिस ने हालात संभालने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई.
करीब दो घंटे से ज्यादा समय तक आंदोलन चलता रहा. किसान लगातार नारेबाजी करते रहे और सरकार के खिलाफ गुस्सा जाहिर करते रहे. हालात बिगड़ते देख पुलिस ने कार्रवाई करते हुए रोहित पवार, शशिकांत शिंदे, अंबादास दानवे और हर्षवर्धन सपकाल समेत कई नेताओं और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया.
सोलापुर में भी कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन
प्याज के मुद्दे पर सिर्फ नाशिक ही नहीं, बल्कि सोलापुर में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया. सोलापुर कृषि उत्पन्न बाजार समिति के सामने शहराध्यक्ष चेतन नरोटे की मौजूदगी में आंदोलन किया गया. इस दौरान सांसद प्रणिती शिंदे भी प्रदर्शन में शामिल हुईं.
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोलापुर-पुणे और सोलापुर-हैदराबाद राष्ट्रीय राजमार्गों को जाम कर दिया. सड़क पर बैठकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई और किसानों को राहत देने की मांग उठाई गई.
प्रदर्शन के दौरान सांसद प्रणिती शिंदे ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ट्रम्प के प्रभाव में आ गए हैं. आज देश की स्थिति ‘ट्रम्प बोले और मोदी डोले’ जैसी हो गई है. अदानी का कर्ज माफ करने वाली सरकार किसानों को प्याज का उचित दाम नहीं दे रही है. हम इस सरकार की निंदा करते हैं.”
गंगापुर में किसानों ने सड़क पर फेंका प्याज
छत्रपति संभाजीनगर जिले के गंगापुर कृषि उत्पन्न बाजार समिति में भी किसानों का गुस्सा फूट पड़ा. यहां किसानों को प्याज का बेहद कम भाव मिला. नरहरी रांजणगांव के किसान लक्ष्मण दुशिंग को प्रति क्विंटल सिर्फ 125 रुपये मिले, जबकि अन्य किसानों को 130 रुपये प्रति क्विंटल का भाव दिया गया.
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इतना कम दाम मिलने से किसान नाराज हो गए. उनका कहना था कि इस कीमत में तो परिवहन खर्च भी नहीं निकल रहा. गुस्साए किसानों ने गंगापुर-वैजापुर हाईवे के गेट के सामने सड़क पर प्याज फेंककर रास्ता रोको आंदोलन किया. इससे कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह ठप हो गया.
महाराष्ट्र में प्याज की कीमतों को लेकर बढ़ता यह आंदोलन अब राजनीतिक रंग भी लेता जा रहा है. किसानों का कहना है कि अगर सरकार ने जल्द कोई फैसला नहीं लिया तो आंदोलन और बड़ा किया जाएगा.

























