Maharashtra: राज्यसभा चुनाव में एकनाथ शिंदे का बड़ा दांव, रोहित टिलक और ज्योति वाघमारे को बनाया उम्मीदवार
Maharashtra Rajya Sabha Election: शिवसेना राज्यसभा चुनाव को लेकर दो उम्मीदवार उतारने जा रहे हैं, जिसमें पहला नाम ज्योति वाघमारे का है, तो दूसरा नाम रोहित टिलक का है, जो पुणे से हैं.

महाराष्ट्र में शिवसेना की तरफ से राज्यसभा चुनाव को लेकर एक सरप्राइजिंग फैसला सामने आया है. मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे दो उम्मीदवार उतारने जा रहे हैं. पहला नाम ज्योति वाघमारे का है, जो सोलापुर की रहने वाली हैं और शिवसेना की फायरब्रांड प्रवक्ता के रूप में उनकी पहचान है . उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस बार दलित समाज की एक उच्च शिक्षित महिला को अवसर दिया है.
वहीं दूसरा नाम रोहित टिलक का है, जो पुणे से हैं और पहले कांग्रेस पार्टी से जुड़े रहे हैं. रोहित टिलक लोकमान्य टिलक के परपोते भी हैं. जानकारी के मुताबिक शिंदे को दूसरी सीट जीतने के लिए 9 वोटों की जरूरत होगी और इस सीट पर उनका मुकाबला शरद पवार के उम्मीदवार से होगा. ऐसे में शिंदे दूसरी सीट पर शरद पवार के सामने अपना उम्मीदवार उतारने जा रहे हैं. शिवसेना की ओर से डॉ. ज्योति वाघमारे को राज्यसभा की उम्मीदवारी दी गई .
बीजेपी और महाविकास आघाड़ी पहली ही कर चुके हैं उम्मीदवारों की घोषणा
देश के 10 राज्यों में 30 सीटों को लेकर चुनाव होने है, जिसमें महाराष्ट्र की 10 सीटें शामिल हैं. जिनका मतदान 16 मार्च को होगा. अभी के समीकरणों को देखा जाए तो महायुति के 6 और महाविकास आघाड़ी के 1 उम्मीदवार की जीतने की संभावना जताई जा रही है, मगर अंतिम फैसला उम्मीदवारों की संख्या और क्रॉस-वोटिंग पर निर्भर होगा.
बीजेपी ने महाराष्ट्र राज्यसभा चुनाव के लिए पहले ही अपने 4 उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है, जिसमें पूर्व मंत्री विनोद तावड़े, केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले, नागपुर की बीजेपी नेता माया इवनाते और हिंगोली के बीजेपी नेता रामराव वडकुते शामिल हैं. वहीं विपक्षी गठबंधन ने भी महाविकास आघाड़ी की ओर से दिग्गज नेता शरद पवार का नाम तय किया है. अजित पवार गुट की ओर से पार्थ पवार को मैदान में उतारा गया है.
एक सीट जीतने के लिए प्रथम वरीयता के 37 वोटों की जरूरत
महाराष्ट्र के राज्यसभा चुनाव में एक सीट जीतने के लिए किसी भी उम्मीदवार को प्रथम वरीयता के 37 वोटों की जरूरत होगी. अगर आकड़े देखे जाएं तो बीजेपी के पास करीब 235 विधायकों का समर्थन है. जिसमें शिंदे गुट के पास करीब 20 और अजित पवार गुट के पास 3 अतिरिक्त वोट मौजूद हैं. वहीं उद्धव गुट के पास 20 विधायक हैं, कांग्रेस के पास 16 और एन सीपी (शरद गुट) के पास 10 विधायक हैं.
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Source: IOCL




























