स्पेशल MCOCA कोर्ट ने राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) नेता बाबा सिद्दीकी हत्या मामले (Baba Siddique Murder Case) के आरोपी चेतन परधी को 8 दिन की अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि वह एक गंभीर अपराध के लिए अभियोजन का सामना कर रहा है. आरोपी चेतन परधी ने अपनी परदादी के निधन के बाद होने वाले अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए आठ दिन की अंतरिम जमानत की गुहार अदालत से लगाई थी.

Continues below advertisement

दरअसल, अंबरनाथ के रहने वाले फोटोग्राफर परधी ने आठ दिन की अंतरिम जमानत मांगी थी, उसने दलील दी कि उसकी परदादी, जिनकी उम्र करीब 103 साल थी का 28 जुलाई को बुढ़ापे और लंबी बीमारी के कारण निधन हो गया. बताया गया कि वह परिवार के साथ रहती थीं और इसलिए परदादी के अंतिम संस्कार में शामिल होना और रीति-रिवाज निभाना उसकी जिम्मेदारी है.

उपचुनाव रिजल्ट: उद्धव गुट का बड़ा बयान, 'जीवनभर एक...'

Continues below advertisement

अदालत ने अंतरिम जमानत देने से किया इनकार

हालांकि, आरोपी चेतन परधी की दलील को अदालत ने मानने से इनकार कर दिया. कोर्ट ने आठ दिन की अंतरिम जमानत देने से मना करते हुए कहा,आरोपों की गंभीरता, आवेदक की आपराधिक पृष्ठभूमि,मुकदमे की स्थिति और स्वतंत्रता के दुरुपयोग की संभावना को ध्यान में रखना होगा.

अदालत ने एक दिन की घर जाने की दी अनुमति

हालांकि, कोर्ट ने उसे 9 अगस्त को पुलिस सुरक्षा में एक दिन के लिए अपने घर जाने की अनुमति दे दी है. कोर्ट ने कहा, इसमें कोई संदेह नहीं कि आवेदक की परदादी का निधन एक वास्तविक और दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. कोर्ट परदादी और परपोते के बीच के भावनात्मक बंधन के प्रति असंवेदनशील नहीं है. गंभीर आपराधिक मामलों में भी मानवीय आधारों को उचित महत्व दिया जाना चाहिए.

अभियोजन के अनुसार, परधी कथित तौर पर साजिश का हिस्सा था और उसने शूटर को उठाया तथा सह-आरोपियों को ठहरने की जगह दी. यह भी कहा गया कि परधी ने सह-आरोपियों को शूटिंग की प्रैक्टिस के लिए जगह ढूंढने में भी मदद की थी.

'दीपके वहां आंदोलन कर रहा है और आप लोग...', अपने पदाधिकारियों पर भड़के उद्धव ठाकरे