Maharashtra: काम कर रहे थे मजदूर मां-बाप, गर्म पानी के बर्तन में बैठ गया 3 साल का मासूम, हुई मौत
Maharashtra News: महाराष्ट्र के नासिक में खेलते समय तीन साल का बच्चा गर्म पानी के बर्तन के पास गया और अनजाने में बर्तन में बैठने से वह गंभीर रूप से जल गया, जिसके बाद उसकी मौत हो गई. जानिए पूरा मामला.

Nashik News: महाराष्ट्र के नासिक शहर में बच्चों की असमय मौतों की घटनाओं ने सभी को चौंका दिया है. ज्यादा घटनाएं कंस्ट्रक्शन साइट्स पर हो रही हैं. हाल ही में नासिक के अश्विननगर इलाके से एक दर्दनाक घटना की खबर सामने आई, यहां तीन साल का एक बच्चा गर्म पानी से जलने के बाद मर गया. यह घटना 8 अक्टूबर को पाथर्डी फाटा में एक जाने-माने कॉलेज के पास एक कंस्ट्रक्शन साइट पर हुई थी. इस मामले में 7 दिसंबर को अंबाड पुलिस स्टेशन में एक्सीडेंटल डेथ का केस दर्ज किया गया था.
जानिए क्या है पूरा मामला?
इस बारे में और जानकारी यह है कि कार्तिक का परिवार एक कंस्ट्रक्शन साइट पर मज़दूरी कर रहा था. 8 अक्टूबर को, जब कार्तिक साइट पर खेल रहा था तो परिवार ने नहाने के लिए गर्म पानी गर्म करने के लिए पास में एक पैन रखा था. खेलते-खेलते कार्तिक पैन के पास गया और अचानक बिना पता चले उस पर बैठ गया, जिससे उसका शरीर बुरी तरह जल गया.
परिवार कार्तिक को अस्पताल ले गया
परिवार ने उसे तुरंत सिडको हॉस्पिटल में भर्ती कराया. उसके बाद, उसे पहले छत्रपति संभाजीनगर हॉस्पिटल और फिर वहां से आगे के इलाज के लिए घाटी हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया. डॉक्टरों की पूरी कोशिश के बावजूद कार्तिक को बचाया नहीं जा सका. 21 अक्टूबर को उनकी मौत हो गई. इस मामले में 7 दिसंबर को अंबाद पुलिस स्टेशन में एक्सीडेंटल डेथ का केस दर्ज किया गया था.
शहर में बच्चों की मौतों का बढ़ता सिलसिला चिंताजनक
पिछले कुछ महीनों में, नासिक शहर में अलग-अलग वजहों से करीब सात बच्चों की जान जा चुकी है. डॉक्टरों और पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक, यह साफ है कि माता-पिता की लापरवाही इन मौतों का बड़ा कारण है. शहर में कई कंस्ट्रक्शन साइट्स पर पानी के स्टोरेज टैंक, सेप्टिक टैंक और पानी की टंकियों को ठीक से बंद न करने की वजह से कुछ महीनों में छह बच्चे डूब गए या जलकर मर गए.
अंडर-कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग्स में कोई ठोस सेफ्टी सिस्टम न होने से मजदूरों के बच्चों के लिए खतरा बढ़ रहा है. पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, पिछले पांच महीनों में, लोकल और माइग्रेंट मजदूरों के सात से ज़्यादा बच्चों की कंस्ट्रक्शन साइट्स पर एक्सीडेंट में जान जा चुकी है.
फरवरी और अक्टूबर के बीच मौतों का चौंकाने वाला सिलसिला
7 फरवरी – जेल रोड कैनाल रोड इलाके में डेढ़ साल के ओरान मूसा शेख पर उबलती चाय गिरने से उसकी मौत हो गई.
27 फरवरी – खारजुल माला में पानी के गड्ढे में डूबने से दो साल के प्रांजल माने की मौत हो गई.
10 मार्च – शिंदेवस्ती में गलती से मच्छर मारने वाली दवा पीने से दो साल के आदित्य शिंदे की मौत हो गई.
22 मार्च – अंबड़ MIDC इलाके में पानी की बाल्टी में गिरने से चार साल की रागिनी वनवासी की मौत हो गई.
6 अप्रैल – एक बन रही बिल्डिंग के पानी के टैंक में डूबने से अठारह महीने के रौनक कनोजे की मौत हो गई.
16 मई – केवल पार्क इलाके में उबलते पानी में गिरने से डेढ़ साल के आयुष पवार की इलाज के दौरान मौत हो गई.
8 अक्टूबर – अश्विननगर में गर्म पानी के बर्तन में बैठने से तीन साल के कार्तिक घुगे की मौत हो गई.
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Source: IOCL


























