मुंबई की बृहन्मुंबई नगर निगम में अब महिला राज चलेगा. दरअसल, बीएमसी के इतिहास मे पहली बार महिला को  कमिशनर बनाया गया है.अश्विनी भिडे अब बीएमसी की पहली महिला कमिशनर होंगी. इससे पहले बीजेपी की रितु तावड़े को बीएमसी का मेयर बनाया गया था.

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इस पद को लेकर सीएम देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बीच खींचतान देखने को मिली थी. वहीं अश्विनी भिडे को करीबी आईएएस में गिना जाता है.

कौन हैं अश्विनी भिडे?

बता दें कि अश्विनी भिडे, 1995 बैच की IAS अधिकारी और वर्तमान में मुख्यमंत्री कार्यालय में अतिरिक्त मुख्य सचिव पद पर काम कर रहीं थीं. वहीं अब वह बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) का नेतृत्व करने वाली पहली महिला बनी हैं. वह भुषण गगरानी का स्थान लेंगी, जिनका कार्यकाल 31 मार्च 2026 को समाप्त हो रहा है.

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भिडे को बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में उनके काम के लिए जाना जाता है, विशेष रूप से मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (MMRCL) की पूर्व प्रबंध निदेशक के रूप में उनकी भूमिका के लिए. हालांकि संजय मुखर्जी और असीम गुप्ता जैसे कई वरिष्ठ IAS अधिकारियों पर विचार किया गया था, लेकिन अश्विनी भिडे को प्राथमिकता दी गई.

2030 तक रह सकता है कार्यकाल

उनसे महत्वपूर्ण नागरिक बुनियादी ढांचे और शहर प्रशासन से जुड़ी परियोजनाओं को संभालने की अपेक्षा है, और उनका कार्यकाल 2030 तक रहने की संभावना है.