Satara Crime News: महाराष्ट्र के सातारा जिले के कराड तालुका के शिवडे गांव से एक बेहद सनसनीखेज खबर सामने आया है. गांव की सीमा में बहने वाली कृष्णा नदी के किनारे पिछले महीने 18 मार्च की सुबह एक बच्चे का लाश संदिग्ध हालत में मिला था. इस घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और पुलिस ने इस मामले की गंभीरता से जांच शुरू की.

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शुरुआत में लाश की पहचान करना पुलिस के लिए मामूली बात नहीं थी, लेकिन लगातार कोशिशों के बाद पुलिस को सफलता मिली. इस मामले की जांच करते समय पुलिस को कुछ चौंकाने वाली जानकारी मिली. जांच में सामने आया है कि इस मासूम की हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि उसके अपने पिता ने ही की थी.

शक ने लिया खौफनाक रूप

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मिली जानकारी के अनुसार, मृत बच्चे की पहचान कर्नाटक के विजयपुर जिले के नाग थाने गांव के सिद्धार्थ आरेकरी के रूप में हुई है. पुलिस जांच के दौरान यह बात सामने आया है कि सिद्धार्थ के पिता मल्लिकार्जुन आरेकरी को अपने ही बेटे पर शक था. दरअसल, उसके कुछ दोस्त उसे यह कहकर चिढ़ाते थे कि सिद्धार्थ तुम्हारा बेटा नहीं है और वह तुम्हारी तरह नहीं दिखता है. 

इसी बात को लेकर मल्लिकार्जुन अपनी पत्नी भाग्यश्री पर शक करने लगा था. इस बात को लेकर वह पिछले एक से डेढ़ साल से अपनी पत्नी से लगातार झगड़ रहा था. धीरे-धीरे यह शक इतना बढ़ गया कि उसने एक खौफनाक कदम उठाया.

नदी में फेंककर की हत्या

पुलिस के मुताबिक, पिछले महीने 16 मार्च को मल्लिकार्जुन अपने बेटे सिद्धार्थ को स्कूल में एडमिशन कराने का बहाना बनाकर विजयपुर से सतारा के उमराज लेकर आया. इसके बाद वह सिद्धार्थ को शिवडे गांव की सीमा में कृष्णा नदी के किनारे ले गया.

पुलिस जांच से पता चला है कि उसने सुनसान जगह पर किसी के न होने का फायदा उठाते हुए अपने बेटे को उठाकर नदी में फेंक दिया. इसस घटना को अंजाम देने के बाद वह वहां से फरार हो गया. 

करीब 20 दिन बाद इस हत्या का रहस्य आखिरकार खुल गया है और एक खौफनाक सच सामने आया है. फिलहाल विजयपुर पुलिस ने आरोपी पिता मल्लिकार्जुन आरेकरी को हिरासत में ले लिया है और आगे की कारवाई जारी कर दी है.