मुंबई पुलिस ने शिवसेना (शिंदे गुट) के सांसद रविंद्र वायकर को आधिकारिक तौर पर जारी किए गए सरकारी सिम कार्ड के कथित दुरुपयोग के मामले में केस दर्ज किया है. पुलिस के मुताबिक यह सिम कार्ड सांसद के संसदीय कार्यालय के नाम पर जारी था, लेकिन उसका इस्तेमाल एक अनधिकृत व्यक्ति द्वारा किए जाने का आरोप है.

इस मामले में शिकायत सांसद के निजी सहायक स्वप्निल अरुण कुलकर्णी (33) ने दर्ज कराई है. शिकायत में बताया गया है कि सांसद के अंधेरी पूर्व स्थित कप्लतरु को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी स्थित निजी निवास में शिफ्टिंग के दौरान यह सिम कार्ड गुम हो गया था. बाद में सामने आया कि गुमशुदा सिम अब भी सक्रिय है और उसका दुरुपयोग किया जा रहा है.

आरोपी ने खुद को बताया पब्लिक सर्वेंट

पुलिस के अनुसार, MIDC पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 204 के तहत मामला दर्ज किया गया है. जांच में यह भी सामने आया है कि अक्टूबर 2024 से नवंबर 2025 के बीच आरोपी प्रभात नसरिन ने कथित तौर पर इस सिम कार्ड को अपने पास रखकर इसका इस्तेमाल किया. आरोपी पर खुद को सार्वजनिक सेवक बताकर सांसद कार्यालय से जुड़े होने का झूठा प्रभाव बनाने का भी आरोप है.

शुरुआती जांच में मिसयूज के मिले संकेत

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह सिम कार्ड केवल आधिकारिक संसदीय कार्यों के लिए जारी किया गया था, लेकिन प्रारंभिक जांच में इसके अनधिकृत उपयोग के संकेत मिले हैं. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने गुम सिम कार्ड का उपयोग किया या उसी मोबाइल नंबर को किसी अन्य सिम पर सक्रिय कराया.

ऐसे हुआ खुलासा

मामला तब उजागर हुआ जब सांसद कार्यालय ने पाया कि गुमशुदा सिम से जुड़ा मोबाइल नंबर अब भी चालू है. इसके बाद पुलिस ने कॉल रिकॉर्ड्स, सर्विस प्रोवाइडर लॉग्स और तकनीकी डेटा की जांच शुरू की है, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि सिम का दुरुपयोग कैसे और किन उद्देश्यों से किया गया.

मामले की जांच जारी

फिलहाल इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है. पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और आरोपी की भूमिका, पहचान के दुरुपयोग और किसी संभावित अवैध गतिविधि की भी पड़ताल की जा रही है. जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.