प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से जुड़े कथित AI मॉर्फ्ड और भ्रामक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने के आरोप में महाराष्ट्र साइबर ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. यह कार्रवाई भाजपा की सोशल मीडिया कार्यकर्ता की शिकायत के आधार पर की गई है.

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एफआईआर में दर्ज शिकायतकर्ता के बयान में कहा है कि वह फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स (पूर्व में ट्विटर) जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय रहती हैं और राजनीतिक व सामाजिक गतिविधियों पर लगातार नजर रखती हैं.

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भड़काऊ और विवादास्पद मैसेज किया शेयर

शिकायतकर्ता के मुताबिक, 25 जुलाई 2026 की सुबह करीब 10 बजे उन्होंने फेसबुक पर एक वीडियो देखा, जो “महाराष्ट्र धर्म” नामक फेसबुक अकाउंट से पोस्ट किया गया था. वीडियो के साथ केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के नाम का उल्लेख करते हुए कथित तौर पर भड़काऊ और विवादास्पद संदेश प्रसारित किया गया था.

शिकायतकर्ता का दावा है कि वीडियो में दिखाई गई सामग्री पहली नजर में वास्तविक प्रतीत हो रही थी. शिकायतकर्ता ने अपने बयान में आगे कहा है कि वीडियो देखने के बाद उन्होंने इसकी सत्यता की जांच की. जांच के दौरान उन्हें न्यूज़ एजेंसी के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर उसी कार्यक्रम का मूल वीडियो मिला.

दोनों वीडियो की तुलना करने पर उन्हें संदेह हुआ कि सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में तकनीकी छेड़छाड़ की गई है और मूल वीडियो को बदलकर AI जनरेटेड अथवा मॉर्फ्ड स्वरूप में पेश किया गया है.

एफआईआर में क्या कहा गया?

एफआईआर में यह भी उल्लेख किया गया है कि जांच के दौरान कुछ फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीरों का इस्तेमाल कर आपत्तिजनक टिप्पणियां और भ्रामक सामग्री प्रसारित किए जाने की जानकारी सामने आई. शिकायतकर्ता का आरोप है कि कुछ पोस्टों में प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्री की छवि को नुकसान पहुंचाने तथा जनता के बीच भ्रम पैदा करने का प्रयास किया गया.

दर्ज दस्तावेजों के अनुसार, महाराष्ट्र साइबर ने कई फेसबुक प्रोफाइल और इंस्टाग्राम अकाउंट्स के लिंक को जांच के दायरे में लिया है. आरोप है कि इन सोशल मीडिया अकाउंट्स के माध्यम से मॉर्फ्ड वीडियो, एडिटेड तस्वीरें और भ्रामक संदेश प्रसारित किए गए, जिससे संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्तियों की प्रतिष्ठा प्रभावित हो सकती है और समाज में गलत धारणा बन सकती है.

इन धाराओं में दर्ज हुआ केस

महाराष्ट्र साइबर ने शिकायत के आधार पर बीएनएस की धारा 318(2), 336, 352, 353(1), 353(2), 356(1), 356(2) और IT एक्ट की धारा 66(D), 67 के तहत एफआईआर दर्ज कर डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित करना शुरू कर दिया है. जांच एजेंसी अब संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट्स के संचालकों, वीडियो के स्रोत और कथित AI मॉर्फिंग के तकनीकी पहलुओं की पड़ताल कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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