महाराष्ट्र के 3 बड़े शहरों मुंबई, पुणे और नागपुर में बुधवार (10 जून) को बम धमकी मिलने से हड़कंप मच गया. धमकी भरे ईमेल में कई अहम सरकारी और सार्वजनिक संस्थानों को निशाना बनाने की बात कही गई है. सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गईं और सभी संवेदनशील जगहों पर जांच शुरू कर दी गई.
सबसे पहले मुंबई की मेयर को एक धमकी भरा ईमेल मिला, जिसमें उनकी कार और कार्यालय के केबिन को बम से उड़ाने की चेतावनी दी गई थी. एहतियात के तौर पर संबंधित इमारत को खाली करा लिया गया.
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ईमेल में मुख्यमंत्री कार्यालय, मेयर कार्यालय और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का भी जिक्र किया गया था. बीएसई को लेकर भेजे गए संदेश में लिखा गया कि "हिंदुस्तान की अर्थव्यवस्था को खत्म करना है."
प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां हुईं सक्रिय
धमकी मिलने के बाद नगर निगम, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को तुरंत अलर्ट कर दिया गया. सभी संबंधित स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया. अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल किसी भी जगह से कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है, लेकिन मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है.
RSS मुख्यालय और पुणे महापालिका भी निशाने पर
उधर नागपुर पुलिस को भी एक ईमेल मिला, जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के मुख्यालय और पुणे महापालिका कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी दी गई. संघ मुख्यालय को उड़ाने की चेतावनी देते हुए ईमेल में कहा गया, "आरएसएस जो आज भाजपा है, तब 1984 के ऑपरेशन ब्लूस्टार का समर्थन किया था."
नागपुर पुलिस को यह ईमेल सुबह करीब 10 बजे मिला. इसके बाद बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वाड (बीडीडीएस) की टीम करीब 11 बजे आरएसएस मुख्यालय पहुंची और लगभग दो घंटे तक पूरे परिसर की गहन जांच की. अधिकारियों ने बताया कि तलाशी अभियान के दौरान कोई विस्फोटक या संदिग्ध सामग्री नहीं मिली.
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फिलहाल पुलिस साइबर टीम की मदद से धमकी भरे ईमेल भेजने वाले की पहचान करने में जुटी है. सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही हैं और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है.
