मुंबई नगर निगम चुनाव के प्रचार में शिवसेना ठाकरे गुट की गतिविधियां तेज हो गई हैं. पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे के साथ अब उनके छोटे बेटे तेजस ठाकरे भी मैदान में उतर चुके हैं. 3 जनवरी को उद्धव ठाकरे ने खेरवाड़ी, बांद्रा ईस्ट में शिवसेना की सभी शाखाओं का दौरा किया, जहां तेजस ठाकरे भी उनके साथ मौजूद रहे. जानकारों का मानना है कि इसी दौरे के साथ तेजस ठाकरे औपचारिक रूप से बीएमसी चुनाव प्रचार में प्रवेश कर रहे हैं.
बांद्रा पूर्व दौरा और संगठनात्मक सक्रियता
उद्धव ठाकरे ने चुनाव प्रचार के तहत 3 जनवरी को पहला बड़ा कदम उठाया. उन्होंने बांद्रा पूर्व स्थित शिवसेना की कई शाखाओं का दौरा किया और कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद किया. इस दौरान संगठन की स्थिति, जमीनी तैयारी और चुनावी रणनीति पर चर्चा हुई. तेजस ठाकरे भी पूरे दौरे में उद्धव ठाकरे के साथ नजर आए और शिवसैनिकों से सौहार्दपूर्ण बातचीत की. उन्होंने शाखाओं की कार्यप्रणाली, स्थानीय मुद्दों और चुनावी माहौल की जानकारी ली.
तेजस ठाकरे की भूमिका और शिवसैनिकों से संवाद
इस दौरे में तेजस ठाकरे की मौजूदगी को संगठन के लिए अहम माना जा रहा है. उन्होंने कार्यकर्ताओं से अनौपचारिक बातचीत की और आगामी चुनावों को लेकर उनके विचार सुने. तेजस ठाकरे ने शाखाओं की गतिविधियों, क्षेत्रीय समस्याओं और प्रचार की तैयारियों पर सवाल किए. इससे संकेत मिले कि आने वाले दिनों में वे उद्धव ठाकरे के साथ कई चुनावी दौरों में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं.
चुनावी रणनीति, उम्मीदवार समर्थन और आगे की योजना
उद्धव ठाकरे ने शाखा दौरे के दौरान वार्ड नंबर 92 से शिवसेना ठाकरे गुट के उम्मीदवार अरुण कांबले को शुभकामनाएं दीं. उन्होंने अरुण कांबले से प्रचार की स्थिति, मतदाताओं की प्रतिक्रिया और जमीनी चुनौतियों की जानकारी ली. सूत्रों के मुताबिक उद्धव ठाकरे की रणनीति मुंबई में सक्रिय शिवसेना शाखाओं के व्यापक दौरों के जरिए संगठन को मजबूत करना और सत्ता बरकरार रखने का संदेश देना है.