महाराष्ट्र ATS को आतंकवाद और अंडरवर्ल्ड पर एक साथ बड़ी सफलता मिली है. पुणे में एटीएस ने ज़ुबैर हंगरगेकर नाम के युवक को अल-क़ायदा संगठन से जुड़े होने के शक में गिरफ्तार किया है. वहीं एनसीबी ने गोवा से दाऊद इब्राहिम के करीबी दानिश मर्चेंट उर्फ़ दानिश चिकना को भी पकड़ा है. दोनों गिरफ्तारियां राष्ट्रीय सुरक्षा और ड्रग नेटवर्क पर कड़ा प्रहार मानी जा रही हैं.

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पुणे से अल-कायदा से जुड़ा संदिग्ध गिरफ्तार

एटीएस ने ज़ुबैर हंगरगेकर के पास से कुख्यात आतंकी ओसामा बिन लादेन के भाषण का उर्दू अनुवाद और अल-कायदा की 'इंस्पायर' पत्रिका की तस्वीरें बरामद की हैं. इन तस्वीरों में एके-47 राइफल चलाने और बम बनाने की विधियां शामिल हैं. जांच एजेंसी के अनुसार, हंगरगेकर आईटी क्षेत्र में कार्यरत हैं और लाखों के पैकेज पर काम करते थे. फिर भी, वे कट्टरपंथी संगठनों से प्रभावित होकर ऑनलाइन युवाओं को गुमराह करने की कोशिश कर रहे थे.

ATS कर रही है नेटवर्क की गहराई से जांच

जांच एजेंसियां अब यह पता लगा रही हैं कि ज़ुबैर हंगरगेकर के संपर्क में कितने कट्टरपंथी युवा हैं. शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि वह सोशल मीडिया और चैट ग्रुप्स के ज़रिए युवाओं को अल-क़ायदा के प्रति आकर्षित कर रहा था. एटीएस ने उसके डिजिटल डिवाइस और सोशल मीडिया अकाउंट्स को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा है. अधिकारी यह भी जानने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या इस नेटवर्क का कोई विदेशी कनेक्शन है.

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गोवा से दाऊद गिरोह का साथी गिरफ्तार

इसी बीच एनसीबी मुंबई ने गोवा से दानिश मर्चेंट उर्फ़ दानिश चिकना को गिरफ्तार किया है. वह अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के गिरोह से जुड़ा बताया जा रहा है. दानिश लंबे समय से फरार था और उस पर एमडी ड्रग्स केस में गिरफ्तारी के बाद जमानत मिलने के पश्चात फरार होने का आरोप था. एनसीबी ने बताया कि वह दाऊद गिरोह के अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क का अहम हिस्सा था. उसकी गिरफ्तारी से मुंबई-गोवा के बीच फैले ड्रग रैकेट का पर्दाफाश होने की उम्मीद है.

दोनों मामलों ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है. महाराष्ट्र एटीएस और एनसीबी अब इन गिरफ्तारियों के माध्यम से यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या आतंकवाद और अंडरवर्ल्ड के बीच किसी प्रकार का लिंक सक्रिय है.