LPG Crisis: गैस की कमी का दिखने लगा असर! प्रियंका चतुर्वेदी ने जताया ये डर, कहा- आम जनता पर...
LPG Crisis: ईरान- अमेरिका युद्ध के बीच देश के कुछ हिस्सों में गैस की कमी का असर दिख रहा है. इस बीच शिवसेना यूबीटी से सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा है कि इसका असर आम जनता पर पड़ सकता है.

ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी युद्ध के दौरान देश के कुछ हिस्सों में एलपीजी की कमी का असर दिख रहा है. इस बीच शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) से राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने केंद्र से कहा है कि सरकार तैयारियों को लेकर कमजोर दिख रही है.
उन्होंने कहा कि कहा कि एलपीजी की दिक्कत का सामना आम जनता को करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार पूरी तरह से फेल नहीं है, लेकिन हालात चिंताजनक हैं. उनके मुताबिक गैस की कमी का असर होटलों और छोटे कारोबारों पर पड़ेगा, जिससे रोजगार का संकट भी पैदा हो सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि भारत को इस मुद्दे पर अमेरिका और इजराइल पर दबाव बनाना चाहिए. साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि पेट्रोल और गैस की दिक्कत का असर आने वाले समय में सीधे आम जनता पर पड़ सकता है.
LPG पर केंद्र सरकार ने क्या कहा?
इसके साथ ही सोशल मीडिया साइट एक्स पर एक पोस्ट में राज्यसभा सांसद ने कहा कि शांतिपूर्ण समय में हम कहते हैं कि हम हर तरह के संकट और व्यवधान से निपटने के लिए तैयार हैं. लेकिन युद्ध के समय कहा जा रहा है कि माफ़ कीजिए, हम मदद नहीं कर सकते. यानी जो बातें पहले कही जाती थीं, वे सिर्फ जुमले साबित हो रही हैं. डोनाल्ड ट्रंप लगातार ईरान को लेकर चेतावनी दे रहे थे, और युद्ध शुरू होने से दो दिन पहले ही प्रधानमंत्री ने इजराइल का दौरा किया था. इसके बावजूद ऐसा लगता है कि भारत सरकार एक बार फिर तैयारियों के मामले में कमजोर और जरूरत से ज्यादा आत्ममुग्ध नजर आ रही है.
वहीं पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने राज्यसभा को लिखित उत्तर में बताया, 'सरकार ने 5.33 मिलियन मीट्रिक टन (एमएमटी) की कुल क्षमता वाली रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार सुविधाएं स्थापित की हैं, जो भू-राजनीतिक संघर्ष जैसे अल्पकालिक आपूर्ति संकटों के लिए एक बफर के रूप में कार्य कर सकती हैं. यह लगभग 9.5 दिनों की कच्चे तेल की आवश्यकता को पूरा करने के लिए है. इसके अतिरिक्त, देश में तेल विपणन कंपनियों के पास कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों के भंडारण की 64.5 दिनों की क्षमता है. इसलिए, कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों के भंडारण की वर्तमान कुल राष्ट्रीय क्षमता 74 दिनों की है.
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Source: IOCL


























