महाराष्ट्र के भुसावल सत्र न्यायालय ने बोरखेड़ा (रावेर तालुका) में एक नाबालिग लड़की के बलात्कार और हत्या तथा उसके तीन भाई-बहनों की हत्या के मामले में आरोपी महेंद्र बरेला को दोहरी मौत की सजा सुनाई. विशेष लोक अभियोजक उज्ज्वल निकम ने राज्य का प्रतिनिधित्व किया. 

Continues below advertisement

यह घटना 15 अक्टूबर 2020 को घटित हुई थी. आरोपी महेंद्र बरेला जो पीड़ित परिवार का करीबी दोस्त था. उसने माता-पिता की अनुपस्थिति में नाबालिग बच्चों का विश्वास जीता. उसने सबसे बड़ी पीड़िता (13 वर्ष) का बलात्कार किया और जब उसने विरोध किया तो कुल्हाड़ी से उसकी, उसके दो छोटे भाइयों (8 और 9 वर्ष) और एक 4 वर्षीय बहन की हत्या कर दी. 

कोर्ट ने मामले में सुनाया फैसला

न्यायाधीश एस.आर. यादव ने इस अपराध को दुर्लभतम अपराध की श्रेणी में रखते हुए बलात्कार और हत्याओं के लिए अलग-अलग मौत की सजा सुनाई है. साथ ही आरोपी पर 25,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है.

विशेष लोक अभियोजक वकील ने दी यह जानकारी

विशेष लोक अभियोजक अधिवक्ता उज्ज्वल निकम ने कहा कि आज भुसावल कोर्ट ने आरोपी महेंद्र बरेला को डेथ पेनल्टी की सजा सुनाई है. 15 अक्टूबर 2020 शाम 7:30 बजे आरोपी अपने दोस्त के घर में घुसा. घर के अंदर सिर्फ नाबालिग बच्चे मौजूद थे.

आरोपी ने उन्हें झूठा भरोसा दिलाया था कि वे चिंता न करें वे उनके बड़े भाई का दोस्त है. इसके बाद नाबालिग पीड़ितों ने आरोपी को उस रात अपने घर में रुकने की इजाजत दी थी. लेकिन आरोपी ने दोस्ती में विश्वासघात किया. 

आरोपी ने नाबालिग के साथ किया रेप

उज्जवल निकम ने आगे बताया कि आरोपी ने कबूला है कि उसने नाबालिग बच्ची का रेप किया. इस दौरान अन्य भाई बहनों ने उसका विरोध किया तो उसने बेरहमी से उनको कुल्हाड़ी से गर्दन पर वार करते हुए मौत के घाट उतार दिया.

उन्होंने बताया कि इस मामले में कोई भी सीधा गवाह नहीं था. मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने मौत की सजा सुनाई है. अदालत ने सभी दलीलें स्वीकार कर लीं. जिसके बाद कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है. 

Maharashtra: शराब पार्टी के बाद खूनी खेल! दो दोस्तों ने पत्थर से कुचलकर अपने जिगरी दोस्त की कर दी हत्या