उपराष्ट्रपति चुनाव में अजित पवार ने पर्दे के पीछे किया खेल? BJP नेता के दावे से मचा हड़कंप
उपराष्ट्रपति चुनाव में क्रॉस वोटिंग का दावा है. इस बीच महाराष्ट्र में बीजेपी के नेता आशीष शेलार ने एनसीपी अध्यक्ष अजित पवार को लेकर चौंकाने वाला दावा किया है. इससे शरद पवार की टेंशन बढ़ सकती है.

उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए 9 सितंबर को आए नतीजों के बाद आज (शुक्रवार, 12 सितंबर) सीपी राधाकृष्णन ने शपथ ले ली, लेकिन क्रॉस वोटिंग की गुत्थी अब भी अनसुलझी है. दावा है कि विपक्षी गठबंधन इंडिया में शामिल पार्टियों के कुछ नेताओं ने एनडीए के उम्मीदवार राधाकृष्णन को वोट किए.
इस बीच महाराष्ट्र में बीजेपी नेता के बयान ने सनसनी मचा दी है. देवेंद्र फडणवीस सरकार में मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता आशीष शेलार ने शुक्रवार (12 सितंबर) को कहा कि मैं उप मुख्यमंत्री अजित पवार को धन्यवाद देना चाहता हूं कि उन्होंने हमें लोकसभा और राज्यसभा में उनकी वास्तविक संख्या से ज्यादा वोट दिलाने में मदद की. मैं इस पर सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं करूंगा.
इस बयान के बाद अटकलें लगाई जा रही है कि क्या एनसीपी प्रमुख अजित पवार ने चाचा शरद पवार की पार्टी (एनसीपी-एसपी) के सांसदों को वोटिंग के दौरान अपने खेमे में ले आए?
प्रफुल्ल पटेल ने किया था इशारा
इन अटकलों को इसलिए भी हवा मिल रही है क्योंकि एनसीपी के राज्यसभा सांसद प्रफुल्ल पटेल ने भी पिछले दिनों क्रॉस वोटिंग के संकेत दिए थे. 9 सितंबर को उपराष्ट्रपति पद के लिए वोटिंग के दिन पटेल ने न्यूज़ एजेंसी पीटीआई से कहा था, ''सीपी राधाकृष्णन एनडीए के उम्मीदवार हैं और बहुत अच्छे वोटों से जीतने वाले हैं. वोटों के मामले में इंडी (इंडिया गठबंधन) के बहुत सारे सांसद हमें कह रहे हैं कि क्यों हम फिजूल में चुनाव लड़ रहे हैं. हम भी सीपी राधाकृष्णन को वोट देने वाले हैं.''
इसी तरह के दावे 10 सितंबर को शिवसेना शिंदे गुट के नेता संजय निरुपम ने किए थे. उन्होंने कहा था, ''मतदान के समय शिवसेना के 5 सांसद हमारे संपर्क में थे. उन्होंने वोटिंग एनडीए के उम्मीदवार को मतदान दिया. शरद पवार गुट के सांसदों ने NDA को मतदान किया.'' ऐसे में सवाल है कि वो सांसद कौन हैं?
शरद पवार की पार्टी के कितने वोट?
शिवसेना (यूबीटी) के पास लोकसभा में नौ और राज्यसभा में दो सदस्य हैं, जबकि शरद पवार की एनसीपी (एसपी) के पास लोकसभा में 10 और राज्यसभा में दो सदस्य हैं.
NDA को कम से कम 422 सदस्यों का समर्थन है. लेकिन चुनाव में सीपी राधाकृष्णन को 452 वोट मिले. वहीं विपक्षी इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी को 300 वोट मिले. उन्हें 320 वोट मिलने की उम्मीद थी. इस चुनाव में 15 वोट अवैध भी घोषित हुए. दावा है कि इन सांसदों ने जानबूझकर ऐसा किया. आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह और कांग्रेस के लोकसभा सांसद मनीष तिवारी जैसे नेताओं ने क्रॉस वोटिंग की जांच की मांग की है.
Source: IOCL






















