Mumbai News: खाड़ी देशों में युद्ध से तरबूज-खरबूज का निर्यात ठप, भारत में फल हुए सस्ते, किसान परेशान
Navi Mumbai News In Hindi: ईरान-इजरायल युद्ध से खाड़ी देशों को फल निर्यात बाधित होने से भारतीय बाजार में तरबूज, खरबूज की भरमार है. JNPT पोर्ट पर कंटेनर फंसे हैं जिससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है.

ईरान-इजरायल युद्ध और खाड़ी देशों में बने संकट का असर अब भारत के फल-सब्जी बाजार पर भी साफ दिखने लगा है. रमजान के महीने में खाड़ी देशों में भारतीय तरबूज और खरबूज की जबरदस्त मांग रहती है लेकिन इस बार युद्ध की वजह से निर्यात पूरी तरह ठप हो गया है.
JNPT पोर्ट पर कंटेनर फंसे हैं और कई फलों के कंटेनर समुद्र में जहाज पर अटके पड़े हैं. नतीजा यह है कि नवी मुंबई के APMC मार्केट के बाहर फलों से भरे सैकड़ों ट्रक कतार में खड़े हैं और किसान-व्यापारी दो से तीन दिन से मुख्य सड़क पर अपने माल के साथ इंतजार कर रहे हैं.
लोकल मार्केट में उमड़ा माल, तरबूज-पपीता हुए सस्ते
खाड़ी देशों में निर्यात न होने से व्यापारी अब मजबूरन लोकल मार्केट में फल बेच रहे हैं. इससे बाजार में तरबूज, खरबूज और पपीते की आवक एकाएक बढ़ गई है और कीमतें तेजी से गिर गई हैं. आम ग्राहकों के लिए यह राहत की खबर है क्योंकि उन्हें अब काफी सस्ते दाम पर फल मिल रहे हैं. लेकिन व्यापारियों और किसानों के लिए यह स्थिति बेहद नुकसानदेह साबित हो रही है.
अच्छा दाम न मिला तो तरबूज फेंककर जा रहे व्यापारी
APMC मार्केट से ग्राउंड रिपोर्ट में संवाददाता मृत्युंजय सिंह ने किसानों से बातचीत की. किसानों ने बताया कि रमजान की शुरुआत में निर्यात की बहुत मांग थी और उन्होंने उसी हिसाब से फसल तैयार की थी. लेकिन युद्ध की वजह से हालात पलट गए. तरबूज व्यापारी हरिशंकर चौरसिया ने बताया कि लागत भी नहीं निकल पा रही. बाजार में इतना माल आ गया है कि खरीदार नहीं मिल रहे. कई व्यापारी अच्छी कीमत न मिलने से तरबूज फेंककर वापस जाने पर मजबूर हो रहे हैं.
JNPT पर कंटेनर फंसे, समुद्र में जहाज पर अटका माल
रमजान के महीने में भारत से बड़े पैमाने पर फल और सब्जी खाड़ी देशों को निर्यात होती है. इस बार युद्ध के कारण पूरी सप्लाई चेन बाधित हो गई है. JNPT पोर्ट पर कंटेनर फंसे हैं और कई खेप समुद्र में ही जहाज पर अटकी हुई है. व्यापारियों को डर है कि अगर जल्द हालात नहीं सुधरे तो आने वाले दिनों में नुकसान और बढ़ेगा.
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