महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री मानिकराव कोकाटे का कोरोनरी एंजियोप्लास्टी टेस्ट आज, सेहत पर अटकी पुलिस कार्रवाई
Maharashtra News: पूर्व मंत्री मानिकराव कोकाटे का आज कोरोनरी एंजियोप्लास्टी टेस्ट होगा. रिपोर्ट के आधार पर डिस्चार्ज तय होगा. डिस्चार्ज तक हिरासत नहीं ली जा सकती.

महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री मानिकराव कोकाटे को लेकर आज का दिन बेहद अहम माना जा रहा है. आज उनका कोरोनरी एंजियोप्लास्टी टेस्ट किया जाना है. इसी टेस्ट की रिपोर्ट के आधार पर यह तय होगा कि उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज किया जाएगा या नहीं. फिलहाल कोकाटे नासिक के एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी सेहत पर डॉक्टरों की कड़ी नजर बनी हुई है.
एंजियोप्लास्टी टेस्ट के बाद ही डॉक्टर कोकाटे की हालत को लेकर अंतिम राय देंगे. अस्पताल प्रशासन ने उनकी मौजूदा मेडिकल स्थिति की रिपोर्ट तैयार कर ली है. इस रिपोर्ट में यह बताया जाएगा कि उन्हें आगे कितने समय तक अस्पताल में रहना जरूरी है और क्या वे कानूनी प्रक्रिया के लिए फिट हैं या नहीं.
डिस्चार्ज तक नहीं होगी हिरासत
नासिक पुलिस ने साफ किया है कि जब तक डॉक्टर कोकाटे को डिस्चार्ज नहीं करते, तब तक उन्हें हिरासत में नहीं लिया जा सकता. पुलिस का कहना है कि डॉक्टरों की रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा. कोकाटे के मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए नासिक पुलिस पूरी रात अस्पताल परिसर में ही मौजूद रही.
डॉक्टरों के बयान दर्ज
पुलिस ने कोकाटे का इलाज कर रहे दो डॉक्टरों के बयान भी दर्ज कर लिए हैं. इन बयानों में उनकी मेडिकल स्थिति, इलाज की प्रक्रिया और मौजूदा हालत से जुड़ी अहम जानकारियां शामिल हैं. माना जा रहा है कि ये बयान आगे की कानूनी प्रक्रिया में अहम भूमिका निभा सकते हैं.
आज अस्पताल प्रशासन की रिपोर्ट, कोकाटे की मेडिकल रिपोर्ट और इलाज कर रहे डॉक्टरों के बयान कोर्ट में भी पेश किए जा सकते हैं. कोर्ट इन दस्तावेजों के आधार पर आगे का रुख तय कर सकती है.
पुलिस की टाइमलाइन भी आई सामने
जानकारी के अनुसार, नासिक पुलिस सुबह 10:41 बजे अस्पताल पहुंची थी. इसके बाद करीब 12:15 बजे पुलिस ने मानिकराव कोकाटे से मुलाकात भी की. इस दौरान उनकी तबीयत और इलाज की स्थिति को लेकर जानकारी ली गई.
आज सुबह 11:30 बजे कोर्ट में कोकाटे के एप्लिकेशन पर सुनवाई होनी है. इस सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं, क्योंकि इसी के बाद साफ होगा कि मेडिकल आधार पर उन्हें क्या राहत मिलती है और कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ेगी.
Source: IOCL



























