महाराष्ट्र की राजनीति में पिछले कई दिनों से घमासान जारी है. एक तरफ उद्धव ठाकरे लगातार सांसदों और विधायकों के टूटने की अटकलों को लेकर बैठकें कर रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के 'ऑपरेशन टाइगर' ने जबरदस्त बवाल मचा रखा है. महाराष्ट्र में अटकलें लगाई जा रही हैं कि शिंदे के 'ऑपरेशन टाइगर' के जरिए शिवसेना यूबीटी के कई सांसद उनके संपर्क में हैं. 

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तमाम चर्चाओं के बीच एकनाथ शिंदे ने 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर पहली बार प्रतिक्रिया दी है. हलांकि इस दौरान उन्होंने इस ऑपरेशन को लेकर पूछे गए सवाल पर चुप्पी साध ली. एकनाथ शिंदे 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर पूछे गए सवाल पर बिना कुछ कहे निकल लिए. जिससे एक बार फिर इस मामले के तूल पकड़ने की संभावनाएं शुरू हो गई हैं.

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क्यों चर्चा में है 'ऑपरेशन टाइगर'

ऐसी सुगबुगाहट है कि 'ऑपरेशन टाइगर' के तहत कुछ सांसद महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ शिवसेना में शामिल हो सकते हैं. शिवसेना (उबाठा) के कुछ सांसदों के पाला बदलने की अटकलें तेज होने के बीच पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने रविवार को अपने गुट के लोकसभा सदस्यों के साथ यहां बैठक की. इस बैठक में सभी नौ सांसदों ने प्रत्यक्ष या डिजिटल (आभासी) माध्यम से हिस्सा लिया.

बैठक के बाद पार्टी के एकमात्र राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने कहा कि सभी सांसद मजबूती से पार्टी के साथ खड़े हैं. उन्होंने बताया कि चार सांसद प्रत्यक्ष रूप से बैठक में शामिल हुए, जबकि चार अन्य ने डिजिटल माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और एक सांसद ने फोन पर ठाकरे से बात की. यह बैठक दोपहर में बांद्रा पूर्व स्थित ठाकरे के आवास 'मातोश्री' में हुई.

शिंदे गुट बोला-'ऑपरेशन टाइगर' की जरूरत नहीं'

शिवसेना प्रवक्ता राजू वाघमारे ने शिवसेना (यूबीटी) के कुछ सांसदों के पार्टी संपर्क में होने के सवाल पर कहा कि वरिष्ठ नेता एकनाथ शिंदे ने पहले ही स्पष्ट किया है कि 'ऑपरेशन टाइगर' जैसी किसी प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि वर्तमान में सरकार के पास बहुमत है और कोई चुनाव भी नहीं है. ऐसे किसी राजनीतिक ऑपरेशन की कोई जरूरत नहीं है और पार्टी स्थिर स्थिति में है.

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