एकनाथ शिंदे पर विवादित टिप्पणी मामले में पेश हुए कुणाल कामरा, 'मैं संविधान में भरोसा रखता हूं'
Kunal Kamra News: ‘ठाणे की रिक्शा, चेहरे पे दाढ़ी’ वाला एक व्यंग्य गीत कुणाल कामरा ने मुंबई के एक स्टूडियो में गाया था. इसे लेकर BJP नेता प्रवीण दारेकर ने विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव पेश किया.

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर व्यंग्यात्मक गीत गाने के मामले में कॉमेडियन कुणाल कामरा और शिवसेना नेता सुषमा अंधारे महाराष्ट्र विधानमंडल की विशेषाधिकार (हक्कभंग) समिति के सामने उपस्थित हुए. हालांकि मूल शिकायतकर्ता बीजेपी नेता प्रवीण दारेकर की अनुपस्थिति के कारण मामले की अगली सुनवाई अब 10 मार्च को होगी. यह जानकारी समिति के अध्यक्ष प्रसाद लाड ने दी.
प्रवीण दरेकर ने पेश किया था प्रस्ताव
प्रवीण दरेकर ने दोनों के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव पेश किया था. इस प्रस्ताव के चलते कुणाल कामरा करीब एक वर्ष बाद मुंबई आए और समिति के समक्ष हाजिर हुए. उस समय सुषमा अंधारे भी मौजूद थीं. लेकिन मूल शिकायतकर्ता प्रवीण दरेकर किसी कारणवश उपस्थित नहीं हो सके. इसलिए अब 10 मार्च को अगली सुनवाई होगी. उस दिन शिकायतकर्ता और आरोपित पक्ष आमने-सामने अपने बयान दर्ज कराएंगे.
कुणाल कामरा ने क्या कहा?
सुनवाई के बाद कुणाल कामरा ने कहा, "मैं संविधान में विश्वास रखता हूं. आज विशेषाधिकार समिति के सामने उपस्थित हुआ, लेकिन सुनवाई नहीं हुई. अगली तारीख पर भी उपस्थित रहूंगा. मुझ पर जो आरोप लगाए गए हैं, उनका जवाब उसी समय दूंगा." वे इस दौरान ‘The Constitution of India’ लिखी हुई टी-शर्ट पहनकर पहुंचे थे.
'गद्दार' शब्द को मुद्दा बनाने का आरोप– सुषमा अंधारे
सुषमा अंधारे ने कहा कि कामरा द्वारा कविता पढ़े जाने के बाद संबंधित स्टूडियो में तोड़फोड़ की गई थी. उन्होंने कहा, “हमने हम पर लगाए गए आरोपों की जानकारी मांगी है. पहले मूल शिकायतकर्ता प्रवीण दरेकर का बयान दर्ज होना चाहिए, उसके बाद हम अपनी बात रखेंगे. आज हमारी बात क्यों नहीं सुनी गई, इसका जवाब समिति देगी.”
अंधारे ने आरोप लगाया कि एकनाथ शिंदे ने स्वयं विशेषाधिकार प्रस्ताव नहीं लाया, बल्कि बीजेपी नेताओं ने इसे इसलिए लाया ताकि ‘गद्दार’ शब्द बार-बार सदन में आए और लोगों के ध्यान में बना रहे. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि कुणाल कामरा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी कई बार कविताएं की हैं, फिर उस समय बीजेपी नेताओं ने आपत्ति क्यों नहीं की?
अगली सुनवाई 10 मार्च को
समिति अध्यक्ष प्रसाद लाड ने बताया कि आज कुणाल कामरा और सुषमा अंधारे के बयान दर्ज होने थे, लेकिन मूल शिकायतकर्ता की अनुपस्थिति के कारण कानूनी प्रावधानों के तहत ऐसा नहीं किया गया. अब 10 मार्च को प्रवीण दरेकर का बयान कामरा और अंधारे के सामने दर्ज किया जाएगा, और उनके सामने ही कामरा व अंधारे का पक्ष भी दर्ज किया जाएगा.
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