महाराष्ट्र: BMC के इजाजत न देने पर भी कुर्बानी पर अड़े लोग, घाटकोपर में बकरे निकालने पहुंची टीम
Maharashtra News: बकरीद से पहले महाराष्ट्र में अलग अलग जगहों पर बढ़ रहे तनाव को देखते हुए राज्यमंत्री माधुरी मिसाल ने चिंता व्यक्त की है. उन्होंने पुलिस से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने को कहा है.

महाराष्ट्र में मुंबई से सटे मीरा रोड पर बकरे की कुर्बानी को लेकर हुए विवाद के बाद अब घाटकोपर में बहसबाजी चल रही है. घाटकोपर की एक सोसाइटी में बकरा बाहर निकालने के लिए पुलिस सिक्योरिटी अंदर गई है. बताया जा रहा है कि यहां करीब 25 बकरे हैं, जो बीएमसी की इजाजत न मिलने के बावजूद कुर्बानी के लिए लाए गए हैं.. वहीं, एक पक्ष की महिलाएं बड़ी संख्या में बिल्डिंग के नीचे आ गई हैं. आशंका है कि बकरा निकालने पर यहां विवाद हो सकता है. ऐसे में अतिरिक्त पुलिस बल भी बुलाया गया है.
घाटकोपर की सोसाइटी में बीजेपी नेता किरीट सौमैया भी पहुंच गए हैं. बीएमसी की दो गाड़ियां भी अंदर गई हैं और बकरों को निकालने की कोशिश की जा रही है. फिलहाल, एक ही बकरा यहां से निकाला गया है. वहीं, दूसरा पक्ष बकरों को निकालने के लिए राजी नहीं हो रहा है. ऐसे में यहां माहौल गर्माया हुआ है.
इस बीच महाराष्ट्र की राज्यमंत्री माधुरी मिसाल ने बकरी ईद के दौरान मीरा रोड में उत्पन्न तनावपूर्ण स्थिति को लेकर पुलिस महानिदेशक, पुलिस आयुक्त और पुणे महानगरपालिका आयुक्त को पत्र लिखकर गंभीर चिंता व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं का असर राज्य की कानून व्यवस्था और सामाजिक माहौल पर पड़ रहा है.
'सामाजिक कार्यक्रमों में हो रहीं अनुचित गतिविधियां'
अपने पत्र में उन्होंने पुणे के सार्वजनिक स्थलों और विभिन्न धार्मिक व सामाजिक कार्यक्रमों में हो रही अनुचित गतिविधियों पर चिंता जताई. पत्र में कहा गया है कि कुछ कार्यक्रमों के दौरान महिलाओं के साथ गैरवर्तन, छेड़छाड़ और अश्लील हरकतें बढ़ रही हैं, जिससे सामाजिक वातावरण खराब हो रहा है.
राज्यमंत्री माधुरी मिसाल ने प्रशासन से मांग की है कि सार्वजनिक स्थानों पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तत्काल प्रभाव से सख्त और प्रभावी उपाय किए जाएं. उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए छेड़छाड़, अश्लील कृत्य और गैरप्रकार करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के निर्देश देने की मांग की.
सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील
पत्र में यह भी कहा गया है कि पुणे पुलिस, महानगरपालिका और स्वास्थ्य विभाग संयुक्त रूप से प्रतिबंधात्मक कदम उठाएं, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके. राज्यमंत्री ने प्रशासन से सामाजिक सौहार्द बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कार्रवाई करने की अपील की है.

























