भारत निर्वाचन आयोग (ECI-SIR) विवाद पर भारतीय जनता पार्टी ने पहली प्रतिक्रिया दी है. बीजेपी नेता नेता राम कदम ने कहा, 'चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है; यह राजनीति का केंद्र नहीं बन सकता. कोई फर्जी वोटर नहीं होना चाहिए, पारदर्शिता जरूरी है.'

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उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हमें इस बात को स्वीकार करना होगा कि अगर एक मतदाता का नाम चार-चार, पांच-पांच बार है क्या उसे हटाने की प्रक्रिया को हम शक के कटघरे में रखेंगे? और जिसका नाम नहीं है, उसका मतदाता सूची में नाम हो यदि इसके लिए हम हट करते हैं तो, क्या ये उस मतदाता का नैतिक अधिकार नहीं है की उसका नाम ही मतदाता सूची में हो.

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एक मतदाता के दो से तीन बार वोटिंग करना एक सशक्त लोकतंत्र कैसे?

उन्होंने आगे कहा कि अगर को मृत व्यक्ति है और उसके नाम पर वोटिंग चल रही है या एक मतदाता दो से तीन बार वोटिंग करने जा रहा है, तो ये एक सशक्त लोकतंत्र कैसे हो सकता है? इसलिए हमारे लोकतंत्र से  ऐसे फर्जी मतदाताओं को हटाया जाए और सही में इसका हकदार है उसे उस सूची में जोड़ा जाए और ये ही SIR है. इसलिए इसमें किसका क्या मत है, इसे छोड़िए और सियासत का रंग ना दें. 

नेता राम कदम ने कहा कि वर्तमान समय में जब देश विश्व के साथ बराबरी कर रहा है और हम चौथी आर्थिक महासत्ता बने, वहीं काफी जल्दी तीसरे नंबर पर भी जाएंगे. इसलिए अभी की मांग यह है कि मतदाता सूची पूरी तरह से शुद्ध हो ना उसमें फर्जी वोटर रहें और जिसका नाम कटा है उसमें जोड़े भी जाए.

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