2025 की बारिश-बाढ़ से प्रभावित 99 लाख किसानों को 15661 करोड़ वितरित, महाराष्ट्र सरकार का बड़ा कदम
Maharashtra News: 2025 की बाढ़ से प्रभावित 99 लाख किसानों और मछुआरों को महाराष्ट्र सरकार ने 15,661 करोड़ सीधे उनके खातों में जमा किए. यह राशि नुकसान के आकलन और सत्यापन के बाद दी गई है.

महाराष्ट्र सरकार ने 2025 में हुई भारी वर्षा और बाढ़ से प्रभावित 99 लाख पात्र किसानों और मछुआरों के बैंक खातों में सीधे ₹15,661 करोड़ जमा किए हैं. यह जानकारी राहत एवं पुनर्वास मंत्री मकरंद पाटिल ने महाराष्ट्र विधानसभा में एक लिखित उत्तर के माध्यम से दी.
मंत्री ने यह जवाब विभिन्न विधायकों द्वारा पूछे गए तीखे सवालों के संदर्भ में दिया, जिनमें विशेष रूप से विदर्भ, मराठवाड़ा, कोंकण और पश्चिमी महाराष्ट्र क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा से हुई भारी क्षति का मुद्दा उठाया गया था.
विधायकों ने कई जिलों में व्यापक तबाही की ओर ध्यान दिलाया, जिनमें विशेष रूप से गोंदिया, चंद्रपुर, छत्रपति संभाजीनगर, बुलढाणा, लातूर, परभणी, नंदुरबार, रायगढ़, रत्नागिरी, जलगांव, गढ़चिरौली, सोलापुर, यवतमाल, जालना, पुणे और पालघर शामिल हैं. नुकसान में जनहानि, किसानों और मछुआरों के घरों को क्षति, पशुधन की मौत, खरीफ फसलों जैसे धान, रागी और कपास की पूर्ण तबाही, बाग-बगीचों और सूखी मछली के भंडार का नुकसान, साथ ही बड़े पैमाने पर मिट्टी का कटाव और भूमि क्षरण शामिल है.
विधायकों ने प्रभावित परिवारों के लिए घोषित ₹31,252 करोड़ के राहत पैकेज के क्रियान्वयन पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी राशि आवंटित होने के बावजूद तकनीकी बाधाओं- मुख्य रूप से अधूरी ई-केवाईसी, आधार लिंकिंग और दस्तावेजी समस्याओं के कारण प्रारंभ में लगभग 4.82 लाख किसान भुगतान से वंचित रह गए थे.
29 दिसंबर तक लगभग ₹164 करोड़ की राशि कोषागार में अटकी होने की भी जानकारी दी गई. विधायकों ने यह भी आरोप लगाया कि लाभार्थियों की सूची समय पर जिला कलेक्टर कार्यालयों की वेबसाइट पर अपलोड नहीं की गई और अंतिम सर्वे सूची में कई पात्र नाम शामिल नहीं थे, जिससे किसानों में व्यापक असंतोष पैदा हुआ.
अपने विस्तृत लिखित उत्तर में मंत्री मकरंद पाटिल (जाधव) ने कहा कि ये दावे आंशिक रूप से सही हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि विस्तृत पंचनामा (क्षति आकलन) सर्वेक्षण और आधार सीडिंग तथा ई-केवाईसी सहित अनिवार्य सत्यापन प्रक्रियाओं के बाद ₹15,661 करोड़ की सहायता राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से 99 लाख पात्र लाभार्थियों के सत्यापित बैंक खातों में सफलतापूर्वक हस्तांतरित कर दी गई है.
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